पीडीडीयू नगर। दुर्गा पूजा में मां के दर्शन की आस्था हजारों श्रद्धालुओं को पंडालों तक खींच रही है, लेकिन संकरे रास्ते, सड़क पर अतिक्रमण और वाहनों का जमावड़ा उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। जिले के प्रमुख पूजा स्थलों में कहीं महज 200 मीटर सड़क के दायरे में तीन बड़े पंडाल हैं तो कहीं चार से छह फीट चौड़ी गलियों से होकर श्रद्धालुओं को गुजरना पड़ता है।
पड़ाव चौराहे पर 150 से अधिक ऑटो, 100 से ज्यादा मालवाहक वाहन और मेले के दौरान 400 से अधिक अस्थायी दुकानें भीड़ का दबाव बढ़ा देती हैं। पीडीडीयू नगर के न्यू महाल और वेस्टर्न बाजार स्थित पंडालों तक भी श्रद्धालुओं की आवाजाही संकरे रास्तों से होती है। नवरात्र के अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने के साथ सवाल उठता है कि भगदड़, आग या किसी अन्य आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रास्ता कहां होगा?
बंगाल में दुर्गापूजा पंडाल के दौरान भगदड़ में 17 लोगों की मौत की घटना ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसी घटनाओं में रास्तों की कमी, भीड़ का एक ही दिशा में दबाव और बाहर निकलने के विकल्प न होना जानलेवा साबित हो सकता है। चंदौली में भी प्रमुख पूजा स्थलों पर भीड़ के अनुपात में रास्तों की चौड़ाई, वाहनों की आवाजाही और अस्थायी दुकानों की स्थिति चिंता बढ़ाती है।
केस-1:
सबसे बड़े चौराहे पर पैर रखने की जगह नहीं
पड़ाव चौराहे पर करीब 200 मीटर सड़क के दायरे में तीन बड़े दुर्गापूजा पंडाल स्थापित हैं। यहां 150 से अधिक ऑटो और 100 से ज्यादा मालवाहक वाहनों की मौजूदगी यातायात पर दबाव बढ़ाती है। सामान्य दिनों में सड़क किनारे करीब 200 अस्थायी दुकानें लगती हैं, जबकि मेले के दौरान इनकी संख्या 400 से अधिक होने का दावा है। रात में दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ने पर रास्ते और संकरे हो जाते हैं। ऐसे में भगदड़ या आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए यातायात नियंत्रण और दुकानों के लिए व्यवस्थित जगह तय करना जरूरी है।
केस-2:
चार फीट की गली से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
पीडीडीयू नगर के न्यू महाल स्थित चौधरी विला में वर्ष 1967 से दुर्गापूजा हो रही है। पंडाल तक पहुंचने वाली गली करीब चार फीट चौड़ी बताई जा रही है। आयोजन के तीन प्रमुख दिनों में करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सामान्य आवाजाही के दौरान भी संकरी गली में लोगों को परेशानी होती है। भीड़ बढ़ने पर दोनों ओर से आने-जाने वाले लोगों के कारण दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में वैकल्पिक निकास मार्ग और भीड़ नियंत्रित करने की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
केस-3:
परमार कटरा की छह फीट चौड़ी गली में भीड़ का दबाव
वेस्टर्न बाजार स्थित जायसवाल भवन में करीब आठ दशक से दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है। पंडाल तक पहुंचने का रास्ता परमार कटरा की व्यस्त गली से होकर गुजरता है, जिसकी चौड़ाई करीब छह फीट बताई जा रही है। यहां रोजाना लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बाजार के बीच स्थित होने से आसपास की दुकानों और आवाजाही का दबाव भी रहता है। आग लगने या भगदड़ की स्थिति में संकरी गली से एक साथ लोगों का बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में निकासी मार्ग, अग्निशमन वाहनों की पहुंच और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जांच जरूरी है।
कोट-
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- यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पड़ाव सहित सभी स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। - अरुण सिंह, सीओ, पीडीडीयू नगर
पीडीडीयू नगर के परमार कटरा वाली गली में पंडाल देखने को उमड़ी भीड़। संवाद