वाहन चोरों के गैंग के सदस्यों के पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस को अहम जानकारी मिली है। जो कि काफी चौकाने वाली है। पुलिस को पता चला है कि आल इंडिया मोटर व्हीकल वेबसाइट पर मध्य प्रदेश और तेलंगाना प्रांत की गाड़ियों का डाटा अपलोड नहीं है। इसी का फायदा उठाकर चोर वाहनों को अन्य प्रांतों में चेचिस नंबर बदलकर बेचते है।
क्राइम ब्रांच के प्रभारी राजीव सिंह की माने तो चोर असली चेचिस नंबर का एक अंक बदलकर एनओसी के लिए आवेदन करते हैं। चूंकि नंबर गलत होता है, इस वजह से 90 दिन बाद एनओसी (नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के लिए कोई आपत्ति नहीं आती है। इसके बाद फर्जी नाम, पते पर गाड़ी की डिटेल अंकित कर उसका नया रजिस्ट्रेशन करते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक फंसता है तो परिवहन विभाग की वेबसाइट में हेरफेर कर यूपी का रजिस्ट्रेशन नंबर डाल देते हैं। इन्हीं नए रजिस्ट्रेशन नंबर से गाड़ियां बिकती हैं। इससे कोई जल्दी पकड़ नहीं पाता है। आल इंडिया मोटर व्हीकल वेबसाइट पर मध्य प्रदेश व तेलंगाना का डाटा अपलोड नहीं है। इसलिए चोर इन्हीं प्रांतों से अधिक गाड़ियां चुराते हैं। इनका चेसिस नंबर बदलकर यूपी का रजिस्ट्रेशन कर देते हैं। इसके बाद आसानी से लोगों को गुमराह कर गाड़ियां बेच देते हैं।