शिकारगंज। क्षेत्र के भीषमपुर गांव निवासी व पेशे से मजदूर कमरुद्दीन के होनहार बेटे मो.रहमत को देश की नवरत्न कंपनियों में शामिल सार्वजनिक क्षेत्र की नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड में असिस्टेंट मैनेजर पद पर नियुक्ति मिली है। उनकी सफलता से परिजनों व ग्रामीणों में हर्ष है। पिता ने बताया कि पुत्र को 12 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर नियुक्ति मिली है।
गांव के निवासी कमरुद्दीन मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी राबिया बानो गृहणी हैं। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े रहमत ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा चकिया आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज से प्रथम श्रेणी में पास करने के बाद बीएचयू में बीएससी एजी में प्रवेश लिया। इसके बाद उन्होंने एग्रीकल्चर से एमएससी की। एमएससी करने के बाद रहमत ने बीएचयू से एमबीए की शिक्षा प्राप्त की। पीएचडी करने के लिए उनका अमेरिका के अर्कसांस विश्वविद्यालय में रिसर्च के लिए चयन हुआ लेकिन धनाभाव के कारण वे नहीं जा सके। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने कुछ दिन गोवा में वॉचमैन की नौकरी भी की। रहमत ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय मजदूर माता-पिता के कठिन परिश्रम व गुरु एसएमएस माथुर को है। रहमत की सफलता से पूरे गांव में हर्ष का माहौल है। गांव निवासी शिक्षक नेता अजय गुप्ता ने कहा कि रहमत की कामयाबी से गांव के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। रहमत की उपलब्धि पर गांव के दिनेश, मंजूर आलम, अवधेश मौर्या, वीरेंद्र सोनकर, अफ्जल अंसारी, विजय गुप्ता, राकेश शर्मा, राजेश, पतालू मद्धेशिया ने हर्ष जताया है।