पीडीडीयू नगर। चार दिनों तक आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना के बाद शुक्रवार को बारिश के बीच दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया गया। हालांकि कुछ पूजा कमेटियों ने अत्यधिक बारिश के कारण दुर्गा प्रतिमा विसर्जन एक दिन के लिए टाल दिया। जहां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन किया गया। वहां भी सादे समारोह के बीच मां को विदाई दी गई।
इस वर्ष शारदीय नवरात्र दस दिनों का रहा। वहीं 29 सितंबर को पंडालों में मां दुर्गा, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, प्रथम पूज्य गणेश, कुमार कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित की गई और पूजा अर्चना की शुरूआत हुई। हालांकि महाष्टमी की रात ही गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। इससे दुर्गा पूजा मेले में बाधा पहुंची। इस बार विजया दशमी बृहस्पतिवार को होने के कारण दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया गया। पूजा कमेटियों ने शुक्रवार को प्रतिमा विजर्सन की तैयारी की। बृहस्पतिवार की शाम हल्की बारिश के बाद लोगों ने पंडालों में पहुंच कर दुर्गा प्रतिमा के दर्शन पूजन किए। वहीं शुक्रवार की सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। ऐसे में दुर्गा पूजा कमेटियों की मुश्किलें बढ़ गई। बारिश में भीगते हुए ही पूजा कमेटियों ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जित किया। वहीं कुछ कमेटियों ने प्रतिमा विसर्जन को टाल दिया। नगर के गया कॉलोनी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जित की गई। शिकारगंज क्षेत्र में बाबा जागेश्वरनाथ दुर्गा पूजा सेवा समिति नेवाजगंज हेतिमपुर ने बारिश में भीगते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित किया। समिति की ओर से विजर्सन जुलूस निकाला गया। जो नेवाजगंज, सोनबरसा, हेतिमपुर के रास्ते दुबेपुर माफी बाबा जागेश्वरनाथ धाम चंद्रप्रभा नदी के तट पर पहुंचा। यहां जयकारे के बीच मां की प्रतिमा को विसर्जित किया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र मोदनवाल, अभिषेक जायसवाल, अंबुज मोदनवाल, आकाश विश्वकर्मा, किशन मोदनवाल, विनय मोदनवाल, उमेश कनौजिया, सुशील विश्वकर्मा, बच्चवा सिंह, आदि उपस्थित रहे।
चंदौली सदर विकास खंड के ग्राम सभा धरौली में शुक्रवार को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित की गई। इसके पूर्व मां की प्रतिमा को गांव के लोगों ने कंधे पर उठाया और क्षेत्र भ्रमण किया। मां की प्रतिमा विसर्जित की गई। इस मौके पर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह, व्यवस्थापक संदीप सिंह, महामंत्री चिंटू सिंह, पुजारी पिंटू मिश्रा, भोले सिंह आदि रहे।
वीरेंद्र यादव, फाइलफोटो