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आजादी के दीवानों ने सैयदराजा थाने पर फहरा दिया था तिरंगा

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कंदवा। वर्ष 1942 में गांधी जी के आह्वान पर शुरू हुए अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जिले में भी एक बड़ा आंदोलन हुआ था। आजादी के दीवानों ने सैयदराजा थाने पर झंडा फहरा दिया था। इस आंदोलन में कंदवा थाना क्षेत्र के अरंगी गांव के रामदेव सिंह भी शामिल हुए थे। इस दौरान अंग्रेज सिपाहियों द्वारा चलाई गई गोली से वे गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे।
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अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन का दौर था। इस क्रम में 28 अगस्त 1942 को क्रांतिकारियों ने सैयदराजा थाने पर तिरंगा फहरा दिया था। इस दौरान अंग्रेजों के बंदूकों से निकली गोली से गणेश सिंह, श्रीधर और फेकू राय शहीद हो गए जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे। उन घायलों में अरंगी गांव निवासी रामदेव सिंह भी शामिल थे। अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें छह माह की सजा भी सुनाई थी। इस आंदोलन की याद में सैयदराजा और चंदौली में बने शहीद स्मारक में रामदेव सिंह का नाम दर्ज है। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने भारत सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन को स्वीकार नहीं किया था। सरकार ने उन्हें वर्ष 1953 में ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था। पेशे से किसान रहे रामदेव सिंह 1955 में हुए प्रथम जिला पंचायत चुनाव में निर्विरोध सदस्य चुने गए थे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किया। वर्ष 1972 में रामदेव सिंह की मृत्यु हो गई। उनकी याद में उनके गांव में मुख्य द्वार और गेट भी बना है।
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