सकलडीहा। राजनीतिक व प्रशासनिक उपेक्षा से लोगों ने ऐसे महापुरुषों को भुलाना शुरू कर दिया है जिनकी वजह से देश को आजादी मिली। इसका जीता जागता प्रमाण है बरठी गांव में बना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति स्तंभ। आजादी की लड़ाई में अपने प्राण न्यौछावर करने वालों की याद में बनाया गया यह ऐतिहासिक स्तंभ जिला प्रशासन व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से बदहाल है। यहां अभी तक बिजली भी नहीं पहुंचाई गई है जिससे रात में अंधेरा छाया रहता है। इस ऐतिहासिक स्मारक के साफ-सफाई की जिम्मेदारी संत निरंकारी मंडल के महात्मा ही निभा रहे हैं।
इस ऐतिहासिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति स्तंभ का लोकार्पण 20 अक्टूबर वर्ष 1994 को प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, कारागार मंत्री अवधेश प्रसाद व ग्राम्य विकास राज्यमंत्री दीनानाथ भाष्कर ने किया था। उस समय मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने यहां मौजूद लगभग 70 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया था। उसके बाद वर्ष 2001 के दिसंबर में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने ऐतिहासिक स्थल का जीर्णोद्धार किया था। इसके बाद आज तक किसी क्षेत्रीय सांसद या विधायक ने इस ऐतिहासिक स्थल के जर्जर हालत को ठीक करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं