बलुआ थाना क्षेत्र के कैथी गांव में बीती रात बिजली की शार्ट सर्किट से झोपड़ी में भीषण आग लग गई। जिससे उसमें सो रहे कैलाश सिंह ( 74 ) बुरी तरह झुलस गये। आनन-फानन में उन्हें वाराणसी के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वृद्ध की मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।
बलुआ थाना क्षेत्र के कैथी गांव निवासी कैलाश सिंह अपने बड़े भाई स्व. भोला सिंह के पुत्रों गोविंद और अरविंद के साथ रहते थे। वे मकान के पास सटे झोपड़ी में सोया करते थे। शनिवार की रात भी वे भोजन करने के बाद झोपड़ी में सोने चले गए। झोपड़ी में रोशनी के लिए तार खींचकर बोर्ड लगाया था। देर रात बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी के अंदर ऊपर प्लास्टिक बंधा था जिसके चलते पूरी झोपड़ी धू धू कर जलने लगी। अंदर सोये कैलाश आग से घिर गये । परिजन और ग्रामीण जब तक आग पर काबू पाते तब तक कैलाश झुलस चुके थे। परिजन रात में ही उन्हें वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर ले गये। जहां इलाज के दौरान रविवार की भोर में मौत हो गयी । उनके मौत की सूचना पर परिजनों में हाहाकार मच गया।