पीडीडीयू नगर। नगर पालिका की ओर से संचालित जच्चा-बच्चा केंद्र की स्थिति सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ती जा रही है। आज तक वहां किसी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जच्चा-बच्चा केंद्र पर दाई और मिडवाईफ के भरोसे प्रसव कराया जाता है। जबकि लगभग एक वर्ष पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने वहां महिला चिकित्सक की तैनाती का आश्वासन देते हुए डीएम और सीएमओ को चिकित्सक की तैनाती के लिए आदेशित किया था।
नगर पालिका कार्यालय के समीप जच्चा-बच्चा केंद का संचालन नगर पालिका की ओर से किया जाता है। नगर का काफी पुराना अस्पताल के कारण आज भी गरीब महिलाओं का अस्पताल पर भरोसा कायम है। इसके बाद ही जच्चा-बच्चा केंद्र पूरी तरह से उपेक्षित है। केंद्र पर दाई और मिडवाईफ के भरोसे प्रसव कराया जाता है। आज तक वहां किसी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जबकि इसके लिए चेयरमैन संतोष खरवार ने जनवरी 2021 में लखनऊ जाकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह का पत्रक सौंपते हुए चिकित्सक की तैनाती की मांग की थी। लगभग एक वर्ष बीतने को है बावजूद इसके अब तक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने डीएम और सीएमओं को निर्देशित भी किया था। एक तरफ जहां सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दे रही है वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की अनदेखी के कारण योजनाओं को पलीता लग रहा है।
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका चेयरमैन संतोष खरवार और ईओ कृष्ण चंद्र ने जच्चा-बच्चा केंद्र का निरीक्षण कर उसके जीर्णोद्धार का भरोसा दिलाया था। छह माह से अधिक का वक्त बीतने के बाद भी आज तक उसका जीर्णोद्धार नहीं हो पाया है। कोरोना काल के बाद से नगर पालिका अधिकारी व जनप्रतिनिधि बजट का रोना-रो रहे हैं। संवाद