बबुरी। कस्बे में बना सुलभ शौचालय संसाधनों के अभाव में शो पीस बना हुआ है। पानी के लिए टंकी और सबमर्सिबल की व्यवस्था तो है, लेकिन शौचालय में टोंटियां गायब हैं।
टंकी का पानी कुछ ही देर में खत्म हो जाता है। वहीं शौचालय के खुलने और बंद होने का समय निर्धारित होने के बावजूद शौचालय मनमाने ढंग से खोला और बंद किया जाता है। ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय का प्रयोग करना है, तो बिजली रहने पर ही आइए, नहीं, तो शौचालय के प्रयोग के बाद पानी नहीं मिलेगा। इस बारे में ग्राम प्रधान से कई बार कहा गया, लेकिन उन्होंने टूटी हुई टोटियों को बदलवाने की जहमत नहीं उठाई । ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान शौचालय की सफाई के लिए आए कर्मचारी को मेहनताना तक नहीं देते, इसके कारण शौचालय गंदगी से पटा रहता था।
ग्रामीणों की ओर से बार-बार शिकायत के बाद शौचालय की सफाई कराई गई । शौचालय को 4 बजे भोर से 8 बजे सुबह तथा 4 बजे शाम से 8 बजे रात तक खोलने का निर्देश है, लेकिन शौचालय को मनमाने तरीके से खोला और बंद किया जाता है। कि बिजली न रहने पर जब ग्रामीण इसके उपयोग के लिए आते हैं तो बाल्टी का पानी लेकर आने के लिए कहा जाता है।