शहाबगंज विकासखंड के गांधीनगर स्थित शहीद भगत सिंह पार्क में रविवार को आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (इंनौस) के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें 12 सितंबर को बनारस में प्रस्तावित जेन-जी महाजुटान की तैयारियों पर चर्चा की गई। साथ ही चंदौली जिले से बड़ी संख्या में छात्र-नौजवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। आइसा की लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व सह संयोजक क्रांति पासवान ने कहा कि सरकार जेन-जी को केवल रील बनाने वाली पीढ़ी समझती है, लेकिन यही पीढ़ी पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर मुखर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर को बनारस में आयोजित जेन-जी महाजुटान में चंदौली से हजारों छात्र और नौजवान शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को संबोधित करने आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी पहुंचेंगी।
इंनौस के प्रदेश परिषद सदस्य गोविंद यादव ने कहा कि नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। वहीं, स्कूलों में छात्रों के साथ जाति आधारित उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, चकिया में दलित छात्र के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में प्रधानाचार्य के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने छात्र न्याय मंच की ओर से इस मुद्दे को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि इंनौस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। बैठक में राहुल यादव, नीतीश कुमार, रंजीत चौहान और संतोष वनवासी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता इंनौस की राज्य परिषद सदस्य सुनैना कुमारी ने की और संचालन जिला संयोजक अमित कुमार ने किया।