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Chandauli News: ध्वस्तीकरण के दाैरान गिरा काली मंदिर का शिखर, चपेट में आने से मजदूर की मौत, मजिस्ट्रेट स्तरीय समिति गठित

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पड़ाव के डांडी में रोते बिलखते बलदेव यादव के परिजन। संवाद
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पड़ाव-गोधना सिक्स लेन एवं फोर लेन सड़क परियोजना के तहत नगर में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। शुक्रवार की रात 11 बजे बड़ा हादसा हो गया। स्टेशन के सामने स्थित पुराने काली मंदिर को बुलडोजर से ध्वस्त करते समय मंदिर का शिखर अचानक भरभराकर गिर गया। शिखर बुलडोजर के अगले हिस्से से टकराकर सड़क की दूसरी ओर जा लुढ़क गया। इसकी चपेट में आने से कार्यदायी संस्था एप्को के मजदूर बलदेव यादव उर्फ झिगुरी (58) निवासी न्यू डांडी समेत दो लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल बलदेव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। समिति यह जांच करेगी कि कार्यदायी संस्था अथवा ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ध्वस्तीकरण का कार्य तत्काल रोक दिया गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और ध्वस्तीकरण के दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले बुलडोजर से मंदिर के शिखर को तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बुलडोजर से मंदिर के निचले हिस्से और पिलरों पर प्रहार किया गया। आधार कमजोर होने पर पूरा ढांचा भरभराकर गिर गया। पड़ाव से गोधना तक लगभग 320 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स लेन एवं फोर लेन सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत नगर में पिछले दो महीने से सड़क चौड़ीकरण अभियान चल रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले लगभग 200 भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। स्टेशन के सामने स्थित पुराने काली मंदिर को भी परियोजना के कारण हटाया जाना था। प्रशासन ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पहले सुभाष पार्क के समीप नया मंदिर बनवाया। आठ जुलाई को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां काली की प्रतिमा की नए मंदिर में विधिवत स्थापना कराई गई। इसके बाद 10 जुलाई की रात लगभग 11 बजे पुराने मंदिर को बुलडोजर से ध्वस्त करने का कार्य शुरू हुआ।
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पत्नी के इलाज के लिए मजदूरी करता था बलदेव
दुलहीपुर। हादसे में जान गंवाने वाले बलदेव यादव उर्फ झिगुरी कार्यदायी संस्था एप्को में 20 दिनों से मजदूरी करता था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उसी के कंधों पर थी। उसकी पत्नी विमली देवी लंबे समय से बीमार हैं और उनका इलाज भी बलदेव की मजदूरी से ही चल रहा था। बलदेव को एक बेटा गोविंद और एक बेटी राधिका हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। बेटा रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश में रहता है। बलदेव अपनी पत्नी के साथ गांव में रहते थे। पत्नी विमली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि बलदेव ही परिवार का एकमात्र सहारा थे।हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ध्वस्तीकरण के दौरान बरती गई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि मंदिर तोड़ने का कार्य चल रहा था, जबकि दूसरी ओर सड़क पर सामान्य रूप से यातायात जारी थी। कुछ सेकंड पहले ही एक ऑटो और बाइक उसी स्थान से गुजरते दिखाई दे रहे हैं, जहां बाद में शिखर गिरा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए था। साथ ही एहतियात के तौर पर एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन व्यवस्था भी मौके पर होनी चाहिए थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल मजदूर को ऑटो में लादकर अस्पताल भेजा गया।

इनसेट- : बेटे को नौकरी, परिवार को 10 लाख की सहायता : लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था एप्को मृतक मजदूर के पुत्र को नौकरी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। अन्य वैधानिक देयों का भुगतान भी नियमानुसार कराया जाएगा।
-राजीव मोहन सक्सेना, एसडीएम, पीडीडीयू ने कहा कि काली मंदिर को हटाने के दौरान शिखर की चपेट में आने से मजदूर घायल हुए, उनको तुरंत अस्पताल ले जाया गया, इलाज के दौरान उनकी मौत हुई है। इस मामले में जांच टीम गठित कर दी गई है। अगर लापरवाही है हुई है तो जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग ने कहा कि काली मंदिर को पहले ही सुभाष पार्क के पास शिफ्ट कर दिया गया था। मां काली की प्रतिमा का विधि विधान से स्थापना भी हो चुकी थी। पुराने मंदिर को तोड़ा जा रहा था इसी दौरान हादसे में मजदूर घायल हो गए उनको तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरो ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके परिवार के साथ हमलोग हैं हर तरह की मदद की जाएगी।-
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