पीडीडीयू नगर। जिले में करीब 12 सौ करोड़ रुपये हर घर नल जल योजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। कहीं टंकी नहीं बन पाई तो कहीं पाइप लाइन बिछाने और कनेक्शन देने का काम बाकी है। यही नहीं, 32 गांवों में तो अभी तक जमीन ही नहीं मिल पाई है। चार साल में 65 फीसदी काम हो पाया है। 35 फीसदी काम मार्च 2025 तक पूरा करना है, जो संभव नहीं दिख रहा।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में मार्च 2021 में हर घर नल जल योजना का काम शुरू कराया गया था। मार्च 2024 तक योजना को धरातल पर उतारकर हर घर में पेयजल की आपूर्ति शुरू करनी थी। काम की सुस्त गति को देखकर यह अवधि बढ़ाकर मार्च 2025 कर दी गई थी। इसके बावजूद अभी तक सिर्फ 65 फीसदी काम हो पाया है। किसी गांव में ऐसा नहीं है कि सारे काम पूरे कर जलापूर्ति शुरू कर दी गई हो। कहीं, पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है तो कहीं टंकी का निर्माण और पंप लगाने का काम हो रहा है।
विडंबना तो यह है कि जिले के 32 गांव ऐसे हैं, जहां अभी तक जमीन ही नहीं मिल पाई है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि कार्यदाई संस्थाओं को नलकूप लगाने और टंकी बनाने के लिए उपलब्ध कराई गई जमीन का सीमांकन नहीं होने और विवादों के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में पांच महीने में 35 फीसदी काम पूरा हो पाएगा, यह संभव नहीं लग रहा।
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हर घर नल जल योजना के काम तेजी से कराए जा रहे हैं। 32 गांवों में जमीन नहीं मिलने और विवाद के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। - अमित कुमार रघुवंशी, एक्सईएन, जल निगम ग्रामीण।