फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंदौली में विकसित की जा रहीं धान की छह प्रजातियां

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी और जन एवं कृषि विकास संस्थान प्रयागराज के सहयोग से सकलडीहा ब्लॉक के ग्राम पचोखर में चावल की नई प्रजातियां प्रयोग के तौर पर लगाई गई हैं। बृहस्पतिवार को इनका भ्रमण अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र के डॉ. सर्वेश शुक्ला और रविंद्र मोहराना ने किया। जिले के कई क्षेत्रों में धान की छह प्रजातियां प्रयोग के तौर पर विकसित की जा रही हैं।
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिकों ने क्राफ्टेरिया का जायजा लेते हुए वहां पर उपस्थित कृषकों को चावल की नई प्रजातियां तथा उनके विशेषताओं पर चर्चा के साथ ही साथ चावल में लगने वाले रोग से बचाव के बारे में जानकारी दी। चंदौली के 10 क्षेत्रों में छह प्रजातियों का परीक्षण किया जा रहा है। इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश जनपद के कृषि जलवायु के अनुकूल उचित प्रजातियों का आकलन करना है, जिससे कि चावल के उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर आई आर आर आई के डाटा एन्यूमैरेटर उत्कर्ष तिवारी, बुधराम यादव और संस्था प्रमुख ए के मिश्रा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें