चंदौली। इन दिनों कोविड के बाद ब्लैक फंगस नई चुनौती के रूप में सामने आया है। सीएमओ डॉ. वीपी द्विवेदी ने बताया कि जिले में अब तक छह ब्लैक फंगस के मरीज मिले हैं। सभी का इलाज वाराणसी के बीएचयू में चल रहा है। वही इसे लेकर स्वास्थ्य महकमा पूरी तैयारी में जुट गया है। कुछ ही दिनों में जिला अस्पताल में इसका इलाज करने की समुचित तैयारी की जा रही है। यह जानलेवा फंगस कैसे शरीर में पहुंच रहा है, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है।
चिकित्सकों की मानें तो म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस साइनस की बीमारी है जो आंखों और दिमाग में फैल सकता है व अंधापन और मृत्यु का कारण बन सकता है। यह एक फंगस के कारण होता है जो हवा, मिट्टी और कभी-कभी नाक के अंदर मौजूद होता है। जिन रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है यह उन में आक्रामक संक्रमण बन जाता है। अनियंत्रित डाईबीटीज, गुर्दे की बीमारी, कैंसर, जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है तो बीमारी हड्डी को नष्ट करना शुरू कर देता है और आंखों और मस्तिष्क में तेजी से फैलता है।