रेलवे सुरक्षा बल और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम पीडीडीयू जंक्शन पर शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे जांच कर रही थी। इसी बीच जोगबनी-आनंद विहार सीमांचल एक्सप्रेस के जनरल कोच के पास टीम पहुंची तो नौ नाबालिग लड़के और दो पुरुष खड़े दिखे। बातचीत में नाबालिगों ने बताया कि वे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं।
चंदौली में स्थानीय रेलवे स्टेशन पर दूसरे दिन शनिवार को नाबालिगों की बरामदगी की गई। आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने नौ किशोरों को बरामद किया। बिहार के अररिया से किशोरों को लेकर गाजियाबाद जा रहे दो आरोपी गिरफ्तार भी किए गए हैं। इसके पहले शुक्रवार को चार नाबालिगों को बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
उन्हें अररिया के दियागंज थाना निवासी मोहम्मद असगर मंसूरी और मोहम्मद इरशाद लोनी गाजियाबाद में एक खिलौने की कंपनी में काम कराने ले जा रहे हैं। इस पर आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, किशोरों की आरपीएफ पोस्ट पर काउंसिलिंग की गई और फिर उन्हें रेलवे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया। बचपन बचाओ आंदोलन के कोआर्डिनेटर देशराज की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। टीम में एसआई सरिता गुर्जर, अमरजीत दास, आरक्षी मोनिका पदाम, प्रमोद कुमार वर्मा, धर्मेंद्र कुमार के अलावा चंदा गुप्ता और जुनैद खान शामिल थे।