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कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या से चिंतित हैं रेलकर्मचारी

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पीडीडीयू नगर। लाख प्रयास के बाद भी रेल कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंडल के कर्मचारियों को सुरक्षा के रूप में मास्क, सैटिनटाइजर, फेस मास्क आदि जा रहा है। वहीं डीआरएम आफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम के निर्देश दिए गए हैं । पिछले एक माह में सौ से अधिक रेलकर्मी हो चुके हैं संक्रमित।
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कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 25 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया। हालांकि मालगाड़ी, पार्सल ट्रेनों का संचालन जारी रहा। वहीं एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ और एक जून से यात्री स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। इस दौरान लगातार सुरक्षा के दावे किए गए। डीआरएम आफिस के अधिकारियों को वर्क फ्राम होम का संदेश दिया गया। बावजूद इसके लगातार रेल कर्मचारी और अधिकारी संक्रमित हो रहे हैं। पिछले एक माह में सौ से अधिक रेलकर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। यहां तक कि डीआरएम आफिस का कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव हो चुका है। इस संबंध में डीआरएम पंकज सक्सेना ने कहा कि सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं। कुछ रेल कर्मचारी शादी विवाह आदि कार्यक्रमों में शामिल होने चले जा रहे थे। ऐसे में आदेश दिया गया है अब कर्मचारियों को छूट्टी अधिकारी देंगे।
सैयदराजा। क्षेत्र के नौबतपुर के समीप पांच व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें क्वारंटीन सेंटर ले जाने के लिए रविवार को एंबुलेंस पहुंची लेकिन संक्रमितों ने पहले रिपोर्ट दिखाने की शर्त रख दी। एंबुलेंस चालक बिना रिपोर्ट लिए ही पहुंच गए थे। किचकिच की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से वार्ता कर मामला शांत कराया।
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जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं इसके साथ ही मरीजों को भर्ती करने में अनियमितता भी हो रही है। इसको लेकर अब लोगों में भय और बढ़ गया है। कुछ दिन पहले नौबतपुर में 77 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए थे। रविवार को नौबतपुर के पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इसमें एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। दोपहर में पहुंची एंबुलेंस ने संक्रमितों को अस्पताल चलने को कहा तो संक्रमितों ने पहले रिपोर्ट दिखाने की मांग कर दी। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया। एंबुलेंस कर्मियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। वहीं सूचना पाकर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया। इस बीच एंबुलेंस कर्मियों व्हाट्सएप पर को रिपोर्ट आ गई। इसे दिखाने के बाद संक्रमित एंबुलेंस में सवार हुए और क्वारंटीन सेंटर गए।
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