पीडीडीयू नगर/शहाबगंज। जिले में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद गांव को हाट स्पाट करते हुए सील किया गया है। वहीं सोमवार को गांवों को सैनिटाइजेशन के साथ साफ-सफाई कराई गई। इसके अलावा शहाबगंज के जेगुरी में संक्रमित के परिवार के चार सदस्यों को रविवार की शाम को चकिया के सिकंदरपुर मेें क्वारंटीन कर दिया गया है। गौरतलब है क शनिवार की देर शाम पांच वर्षीय बच्चे सहित पांच नए कोरोना पॉजिटिव मिले थे।
जिले में लगातार बढ़ती संक्रमितों की संख्या से लोग सहमे हुए है। जिले में अब तक संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। जिसमें 24 एक्टिव और 25 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। जबकि एक मरीज की बीएचयू में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इधर शनिवार की शाम को जिले में पांच कोरोना पाजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है। शहाबगंज ब्लाक के सारिंगपुर व जेंगुरी, चंदौली ब्लाक के परनपुरा, बिसौरी और चहनिया के लोलपुर गांवों को सील करने के साथ ही हाट स्पाट घोषित कर दिया है। साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन गांवों का कराया गया। लोगों को घरों में रहने हिदायत दी गई है।
शहाबगंज। ब्लाक के जेंगुरी, सारिंगपुर में कोरोना पाजिटिव मिले हैं। इसके बाद भी वहां बाहर से लौटने वाले और प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। मुंबई से लौटे एक दर्जन से अधिक लोग बेरोकटोक गांव में घूम रहे हैं। इनसे संक्रमण फैलने का खतरा है लेकिन इन्हें क्वारंटीन नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान पप्पू पासवान का कहना है कि 12 जून को गांव में करीब 13 लोग मुंबई से लौटे हैं। सभी लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण करने और क्वारंटीन के लिए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जो लोग बाहर से लौटे हैं वे बिना स्वास्थ्य परीक्षण कराए गांव में घूम रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इससे गांव में भी लोगों में दहशत है और सहमे हुए हैं। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने बाहर से आए लोगों की जांच कर उन्हें 21 दिन तक क्वारंटीन करने की मांग की है।