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सड़कों के गड्ढे भरने में पीडब्ल्यूडी फिसड्डी, मात्र 40 फीसद हुआ काम

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पीडीडीयू नगर। जिले की सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। शासन की ओर से 15 सितंबर से गड्ढे भरने का आदेश प्राप्त है। गड्ढामुक्ति के लिए धन अवमुक्त होने के बाद भी सड़कों पर बने सभी गड्ढों को भरा नहीं जा सका है। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि गड्ढामुक्ति के लिए चयनित आठ सौ किलोमीटर में करीब चार सौ किलोमीटर की सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया गया है। अभियान के शेष बचे दिनों में अन्य गड्ढों को भी भर दिया जाएगा।
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शासन की ओर से पहले 15सितंबर से 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्ति अभियान चलाया जाना था लेकिन बारिश की वजह से समय सीमा बढ़ाकर 15 नवंबर तक कर दी गई। इतने दिनों में भी सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका तो समयावधि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। इस दौरान जिले की कुल आठ सौ किलोमीटर की सड़कें गड्ढामुक्त की जानी थी लेकिन अब तक करीब चार सौ किलोमीटर के आसपास की सड़कों की ही मरम्मत हो पाई है। वहीं विभाग की धीमी गति से चल रहे कार्य को देखते हुए बचे समय में भी सड़कों पर बने गड्ढों को भर पानी संभव नहीं दिख रहा है। इसके अलाव गड्ढामुक्त घोषित अलीनगर-पचफेड़वा मार्ग, सकलडीहा, चकिया, चंदौली, धानापुर मार्ग परफिर से गड्ढे दिखने लगे हैं।
पीडीडीयू नगर। नगर को वाराणसी से जोड़ने वाले करीब 16 किलोमीटर जीटी रोड पर चंदासी कोल मंडी से लेकर पड़ाव तक करीब आठ किलोमीटर के हिस्से पर कई गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के कारण बाइक सवारों को खासी परेशानी होती है। सड़क मरम्मत के नाम पर पीडब्ल्यूडी गडढों में गिट्टी डालकर छोड़ देता है। कोयला लदे ट्रकों के आवागमन से कुछ दिन बाद ही गिट्टियां उखड़कर आसपास बिखर जाती हैं और सड़क की दशा पहले की तरह ही हो जाती है।संवाद
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पीडीडीयू नगर। अलीनगर स्थित सकलडीहा मोड़ पर बना बड़ा गड्ढा दुर्घटना को दावत दे रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इस सड़क पर मरम्मत कार्य कराया गया था लेकिन ओवरलोड वाहनों के आवागमन से कुछ दिन बाद ही सड़क पर गड्ढे बन गए। पीडब्ल्यूडी सकलडीहा मोड पर बने गड्ढे को दो वर्षों में कई बार भर चुका है पर अभी भी गड्ढा बरकरार है। इसके अलावा जीटी रोड पर अलीनगर से पचफेड़वा तक दशा यह है कि गड्ढों के कारण कई जगह दोनों लेन के लोग एक ही लेन पर चलने को विवश हैं।संवाद
धीना। करीब 13 किलोमीटर लंबे धीना-जमानिया मार्ग की स्थिति भी दयनीय है। इससे होकर सुरक्षित गुजरना काफी मुश्किल है। जरा सी भी चूक होने पर लोग गिर जाते हैं। इस कारण लोग रास्ता बदलकर लंबी दूरी तय कर धीना से जमानिया जाने को विवश हैं। पिछले दिनों धीना से सिकठा करीब चार किलोमीटर सड़क पर मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हुई है। शेष बचे सड़क के नौ किलोमीटर के हिस्से सिकटा से पिपरदहां तक तो सड़क इतनी खराब है कि लोगों ने आना-जाना ही बंद कर दिया है।
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