पीडीडीयू नगर। बोल बम के जयकारे से पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन गूंज रहा है। शनिवार को 10 हजार से ज्यादा कांवड़िये सुल्तानगंज रवाना हुए। तीन दिन से रेलवे स्टेशन पर कावंड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने से उन्हें ट्रेनों में सुरक्षित चढ़ाने में आरपीएफ, जीआरपी और वाणिज्य कर्मियों को पसीने बहाने पड़े।
चंदौली जिले के साथ ही पूरे पूर्वांचल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु झारखंड स्थित बाबा बैजनाथ धाम जल चढ़ाने के लिए कांवड़ से जाते हैं। कांवड़िये पीडीडीयू जंक्शन से बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज जाते हैं। वहां से गंगा जल लेकर पैदल 105 किमी की दूरी तय कर बैजनाथ धाम पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष 11 जुलाई से सावन की शुरूआत हुई है। हालांकि आठ जुलाई से ही कांवड़ियों की रवानगी का सिलसिला शुरू हो गया था। इस बीच दिन बीतने के साथ ही कांवड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। सावन के दूसरे सोमवार को बाबा के जलाभिषेक की चाहत में बुधवार से रोजाना चार से पांच हजार कांवड़ियों की रवानगी हो रही है। शुक्रवार और शनिवार को 10 हजार से ज्यादा कांवड़िये बैजनाथ धाम रवाना हुए। रेलवे स्टेशन पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए अनेक उपाय किए गए हैं। इसके बावजूद कांवड़ियों को ट्रेन पर सुरक्षित सवार कराना आरपीएफ और जीआरपी के लिए चुनौती बनती जा रही है। शनिवार को ब्रह्मपुत्र मेल, कुंभ एक्सप्रेस, मालदा टाउन, मगध एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में ज्यादा भीड़ रही। आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि कांवड़ियों को सुरक्षित ढंग से ट्रेन पर चढ़ाने के लिए आरपीएफ की टीम सक्रिय है। इसी तरह जीआरपी की टीम भी लगी है। स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि बैजनाथ धाम, जसीडीह और सुल्तानगंज जाने वाली ट्रेनों के आने के 20 मिनट पहले से प्रसारण शुरू कर दिया जा रहा है। इससे यात्रियों को सुविधा पहुंच रही है।