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ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

Mon, 15 Dec 2014 01:34 AM IST
संवाददाता चंदौली अमर उजाला
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मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के करवत गांव में प्रशासन की मिली भगत से रास्ते को लेकर चहारदीवारी तोड़ने का मामला प्रकाश में आया है।
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चहारदीवारी गिराने से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और वे पुलिस के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती देख पुलिस मौके से खिसक ली।

वहीं कोतवाली प्रभारी ने दोनों  पक्षों को कागजात के साथ थाने पर बुलाया।जानकारी के अनुसार घराना फूड्स के समीप नितिन पटेल की जमीन है।

 घराना फूड्स के मालिक सिद्धार्थ ने कैं पस के अंदर मंदिर का निर्माण कराया था। रास्ते की दिक्कत होने पर सिद्धार्थ ने तत्कालीन समय में नितिन के पिता विंध्यवासिनी पटेल से 20 फीट के रास्ते के लिए जमीन मांगी थी। विंध्यवासिनी ने सिद्धार्थ से कहा था कि मंदिर को सार्वजनिक कर सभी को पूजा पाठ करने की स्वीकृति दी जाएगी तभी वह अपनी जमीन से रास्ता देंगे। इस रास्ते का विवाद कोर्ट में विचाराधीन भी चल रहा है।
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 बाद में सिद्धार्थ ने गोपाल खेमका को वर्ष 2011 में बेच दी। विंध्यवासिनी के मरने के बाद भी रास्ते के विवाद का मामला चंदौली कोर्ट में लंबित है। रविवार को गोपाल खेमका 20 फीट का रास्ता निर्माण करने के लिए पुलिस बल को बुलाकर स्वर्गीय विंध्यवासिनी की चहारदीवारी गिराने लगे।

जानकारी पर विंध्यवासिनी का पुत्र नितिन कागज लेकर मौके पर पहुंचा और पुलिस को अपनी जमीन होने का दावा करता रहा लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को मिली तो वे मौके पर पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों में बढ़ती नाराजगी देख पुलिस बल वहां से खिसक ली।

 इस संबंध में गोपाल खेमका का कहना है कि जमीन की जितनी रजिस्ट्री मैनें 11 मार्च 2011 को कराई थी उतनी कब्जा कर रहा हूं। बाद में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को कागजात के साथ कोतवाली बुलाया।
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इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना है कि जमीन के कागजात का निरीक्षण किए जाने के पश्चात ही कोई हल निकाला जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
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