पीडीडीयू नगर। चैत्र नवरात्र दो अप्रैल से शुरू हो रहा है। पिछले दो साल से कोविड के चलते मंदिरों में दर्शन-पूजन ठीक से नहीं हो रहा था। इस साल देवी मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों के रंग-रोगन के साथ ही उसमे सजावट का कार्य भी शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ नवरात्र में मंदिरों पर होने वाली भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने मातहतों से सुरक्षा व्यवस्था के बाबत भी रिपोर्ट तलब की है। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के जीटी रोड स्थित मां काली मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में वांसतिक नवरात्र को लेकर लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए मंदिर कमेटियों की ओर से रंग-रोगन से लेकर सजावट के लिए व्यवस्था की जा रही है। चकिया एंव शिकारगंज संवाददाता के अनुुसार क्षेत्र के सभी देवी मंदिरो में सारी तैयारियां आरम्भ कर दी गई हैं। नवरात्र को देखते हुए मंदिरो में रंगरोगन के बाद भव्य सजावट की जायेगी। चकिया नगर में स्थित मां काली मंदिर, पूर्वी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, कालिका धाम कालोनी में स्थित दुर्गा मंदिर तथा चौक झण्डा मां मंदिर, मंगरौर स्थित मां मंगला गौरी मंदिर, भीषमपुर वनदेवी मंदिर, हाजीपुर में दुलहिया दाई मंदिर, जागेश्वरनाथ दुर्गा मंदिर, सिकन्दरपुर स्थित कोट भवानी मंदिर, देवबर पहाड़ पर स्थित माँ शारदा मंदिर, में वासंतिक नवरात्र के अवसर पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानो को देखते हुए सारी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इन मंदिरो की साफ-सफाई, रंगरोगन के बाद भव्य सजावट की जायेगी। चकिया मां काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक बंदोबस्त किये गये हैं। खासकर कोविड गाइडलाइन का विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कंदवा/चंदौली। दो अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र के लिए मां रेहड़ा भगवती मंदिर चिरईगांव और मां मंशादेवी मंदिर बरहनी में साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है।कोरोना काल में ही मंदिर की रंगाई पोताई कराई गई थी।कोरोना के चलते दो वर्षों से मंदिर में पूजा पाठ ठीक से नहीं हो पा रहा है।वहीं भीड़ भाड़ भी नहीं हो रही थी। अब कोविड प्रोटोकॉल समाप्त होने से पूजा को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। मुख्यालय स्थित मां काली प्राचीन माता मंदिर नवरात्र को लेकर साफ सफाई की जा रही है।