पीडीडीयू नगर। शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी की ओर से पिछले वर्ष नवंबर माह तक जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चला था। जिले की करीब आठ सौ किलोमीटर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए विभाग ने शासन से करीब 12 करोड़ रुपये की मांग की थी। शासन की ओर से प्राप्त धन से विभाग ने कुछ सड़कों को तो गड्ढामुक्त कर दिया है पर अभी भी अधिकांश सड़कों पर गड्ढे बरकरार हैं। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि सड़कों पर बने गड्ढों को भरने का कार्य अभी चल रहा है। शीघ्र ही सभी सड़कें गड्ढामुक्त कर दी जाएंगी।
जिले की अधिकांश सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। प्रदेश सरकार ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए पिछले वर्ष अभियान चलाया था। सितंबर से अक्तूबर एक माह तक चले अभियान के दौरान गड्ढे नहीं भरे गए तो शासन ने इसकी अवधि एक माह और बढ़ाकर नवंबर तक कर दी। बावजूद इसके विभाग सड़कों पर बने गड्ढों को भरने में फिसड्डी साबित हुआ है। यहां तक कि जीटी रोड पर बने सभी गड्ढों को भी विभाग नहीं भर सका है। सड़कों पर गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटना होती रहती है।
ताराजीवनपुर। क्षेत्र में अलीनगर-सकलडीहा मार्ग हो या मुख्यालय से कैली जाने वाला मुख्य मार्ग, सभी बदहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर अनगिनत गड्ढों में आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। शासन स्तर पर भले ही जनपद की सड़कों के गड्ढा मुक्त होने का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो सकी हैं। ग्रामीण राजेश यादव बताते हैं कि 19 करोड़ लागत से बने अलीनगर-सकलडीहा मार्ग पर गड्ढों के कारण लोगों का चलना दूभर हो चुका है। पता ही नहीं चलता है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। ग्रामीण बलवंत मौर्य का कहना है कि सरकार का दावा खोखला होता दिख रहा है। क्षेत्र की तमाम सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं । चुन्नू भाई बताते हैं कि सड़क पर दोफीट तक के गड्ढे बन चुके हैं। डॉ. विजय पाल ने कहा कि शासन द्वारा कागज पर तो सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया लेकिन धरातल पर सड़कों पर बने गड्ढों को भरने में विभाग फिसड्डी है।
नियामताबाद। क्षेत्र के मुगलसराय-बबुरी मुख्य मार्ग पर मनोहरपुर से सिरसी गांव तक गड्ढे ही गड्ढे बन गए हैं। इससे आए दिन लोग गिरकर घायल होते रहते हैं। रात में साइकिल सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बाईपास से गोधना तक सड़क मरम्मत का शुभारंभ विधायक साधना सिंह ने किया था। तीन किलोमीटर की सड़क को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। विडंबना यह है कि इसी गड्ढायुक्त सड़क के समीप एसडीएम का आवास भी है। संवाद
दुलहीपुर। क्षेत्र में नई बस्ती से हरिशंकरपुर मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क के दोनों किनारे बने घरों से निकला गंदा पानी सड़क पर ही बहता रहता है। इससे सड़क पर हमेशा फिसलन की स्थिति बनी रहती है। पानी भरा रहने के कारण सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर गड्ढे बन गए हैं। बरसात केदिनों में पानी भर जाने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं पड़ते हैं जिससे राहगीर गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं।
कंदवा। क्षेत्र का ककरैत-कंदवा मार्ग काफी दिनों से बदहाल है। मार्ग पर इतने गड्ढे है कि लोगों का चलना दुश्वार हो गया है।गड्ढे के चलते सोमवार की सुबह अनियंत्रित बाइक के पलटने से पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।यूपी और बिहार को आपस में जोड़ने वाले करीब सात किमी लंबे कंदवा-ककरैत वाया अदसड़ मार्ग को अच्छे दिन का इंतजार है। लोगों का कहना है कि यूपी और बिहार को जोड़ने वाला यह मार्ग पिछले काफी समय से बदहाल है। बावजूद इसके अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। सड़क खराब होने के चलते किसी इमरजेंसी में कोई वाहन वाला इस मार्ग पर आने को तैयार नहीं होता है जिससे लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सड़कों को गड्ढामुक्त करने योजना फाइलों में दबकर रह गई है जिसका दंश क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं।
शासन से प्राप्त धन से कई सड़कों पर बने गड्ढों को भर दिया गया है। कुछ सड़कों पर बचे गड्ढों को भरने का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। डीपी सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।