छापे में पुलिस ने रेमा निवासी संतोष कुमार यादव, बृजेश यादव, विनोद यादव व चंदौली कोतवाली क्षेत्र के लीलापुर निवासी अजीत उर्फ विक्की सिंह को पकड़ लिया और थाने ले आई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया। इस दौरान टीम में एसआई रमेश यादव, श्रीकांत पांडेय, बाबूराम यादव, नीलम त्रिपाठी, ताराचंद सिंह आदि शामिल रहे। सीओ सदर रामवीर सिंह ने बताया कि अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। चार लोग गिरफ्तार हुए हैं। आगे भी ऐसे कार्रवाई और जांच पड़ताल होती रहेगी।
नामी कंपनियों का रैपर लगाकर बेचते से शराब
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अवैध रूप से शराब तैयार कर नामी कंपनियों के रैपर शीशी पर लगाकर बेचते हैं। पुलिस ने बताया कि शराब की दुकान बंद होने के बाद ये लोग वहीं आसपास झोले में शराब रखकर बेचते थे। इसके साथ ही बिहार में शराब की आपूर्ति की जाती थी।
कहीं रेमा गांव में फिर सुलगने न लगे भट्टी
कच्ची शराब बनाने जाने के लिए जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र का रेमा गांव काफी प्रसिद्ध था। यहां महुआ से कच्ची शराब बनाई जाती थी। वर्ष 2016-2017 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा और आबकारी निरीक्षक विजय प्रताप यादव ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर भट्टियों को बंद करा दिया था। वहां कच्ची शराब बनाए जाने का कारोबार पूरी तरह से बंद हो चुका था। बीतते वक्त के साथ पुलिस और आबकारी विभाग सुस्ती से रेमा में अवैध शराब बनाने का खेल एक बार फिर से पनपने लगा है। गुरुवार को पुलिस और आबकारी की टीम ने अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर भले साख बचाने की कोशिश की हो लेकिन एक आशंका फिर से प्रबल हो गई है कि कहीं रेमा गांव में फिर से भट्टी सुलगने न लगे।