पीडीडीयू नगर। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत सुभाष नगर वार्ड की लगभग पांच हजार की आबादी पिछले डेढ़ माह से पानी की समस्या से जूझ रही है। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से वार्डवासियों का सब्र जवाब देने लगा है। वार्ड सभासद ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई वाराणसी के अधिकारियों व ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि इनकी लापरवाही के चलते न तो अब नई बोरिंग का कार्य पूरा हो पाया और न ही सुभाष नगर पार्क स्थित ओवरहेड टैंक से वार्ड में पानी की आपूर्ति शुुरू हो सकी है।
नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के लिए तमाम उपाय किये जा रहे है लेकिन यह सब उपाय हाथी के सफेद दांत साबित हो रहे है। नगर क्षेत्र अंतर्गत सुभाष नगर में डेढ़ माह पहले बोरिंग खराब होने के चलते क्षेत्र में जलापूर्ति ठप हो गई थी। सभासद आरती यादव ने बताया कि जनसमस्या को देखते हुए उस दौरान निजी तौर पर पचास हजार रुपये खर्च कर मशीन मंगवायी गई। इसके बाद मशीन से बोरिंग में प्रेशर मरवाया गया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। बाद में एक नई बोरिंग कार्य गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से शुरु किया गया। आरोप लगाया कि अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही से अब तक बोरिंग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं पिछले दस दिनों से ठेकेदार ने कार्य भी बंद है। वहीं दूसरी तरफ सुभाष पार्क बने ओवरहेड टैंक के माध्यम से पाइप बिछवाकर पानी आपूर्ति का प्रयास किया गया। लेकिन गुणवत्ता परक कार्य नहीं होने के चलते पानी शुरू होते ही पाइप में कई जगह लीकेज हो गया। जिसे किसी प्रकार सही कराया गया है। अब पाइप में लगी चूड़ी खराब होने के कारण समस्या उत्पन्न हो गई है। भीषण गर्मी में पिछले डेढ़ माह से पानी के जूझ रहे लोगों का सब्र जवाब देने लगा है।
पीडीडीयू नगर। नगर के सुभाष नगर वार्ड में पानी की किल्लत को दूर करने में लिए लोगों ने अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत करना शुरू कर दिया है। लोगों ने आरोप लगाया कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से कराये जा रही बोरिंग का कार्य पिछले दस दिनों से बंद है। ऐसे में अब उन्हें सिर्फ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का ही आसरा नजर आ रहा है। संवाद
पीडीडीयू नगर। नगर के लिए पीएनजी पाइप लाइन का विस्तार से भी दिक्कतें आई हैं। बिछायी जा रही पीएनजी पाइप लाइन के चलते नगर की कई जगह सड़कें खराब हो चुकी है। वहीं दूसरी कई जगह पर पेयजल पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो रही है। सुुभाष नगर वार्ड के लोग पहले से ही पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पीएनजी पाइप लाइन बिछाने के चक्कर में पुरानी पेयजल की पाइप कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। संवाद