फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: आदमचीनी चावल के वैश्विक बाजार में पहुंचाने का रास्ता साफ

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। जिले में पैदा होने वाले जीआई टैग प्राप्त आदमचीनी चावल की वैश्विक बाजार में पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की कंपनी ने आदमचीनी चावल के चंदौली ब्रांड को पैकिंग कराकर विदेशों में भेजने का करार किया है। अब यह ब्रांड अमेजन और फ्लिपकार्ड पर भी उपलब्ध है।
विज्ञापन


जिले के आदमचीनी चावल के अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की कंपनी ने आदमचीनी के चंदौली ब्रांड को पैकिंग कराकर विदेशों में भेजने का करार किया है। गल्फ देशों और यूरोपीय बाजारों में इसकी सुगंध व गुणवत्ता की चर्चा होने लगी है। अब आदमचीनी चावल का ब्रांड 250 रुपए किलो की दर से अमेजन और फ्लिपकार्ड पर भी उपलब्ध है।
आदमचीनी का जीआई टैग लेने वाले ईशानी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी इमिलिया के निदेशक अजय कुमार सिंह के अनुसार पिछले दो वर्षों में इसकी मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे इसकी कीमत दोगुनी तक पहुंच गई है। इससे किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है और युवा किसान भी बड़ी संख्या में इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।आदमचीनी की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि आदमचीनी चावल की महक इसे अन्य प्रजातियों से अलग बनाती है। प्राकृतिक रूप से सुगंधित यह चावल कम लागत में अच्छी पैदावार देता है, जिससे खेती की लागत और लाभ का संतुलन भी मजबूत रहता है। बताया कि विदेशों में प्रीमियम क्वालिटी के भारतीय चावलों की मांग लगातार बढ़ रही है और आदमचीनी चावल इस सूची में तेजी से जगह बना रहा है। अजय सिंह का मानना है कि यदि इस चावल का व्यवस्थित ब्रांडिंग, पैकिंग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन किया जाए तो आने वाले वर्षों में यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती की तरह पहचान हासिल कर सकता है।
विज्ञापन


आदमचीनी चावल की खेती की ओर किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष करीब 50 एकड़ में आदमचीनी की खेती हुई है जबकि पिछले वर्ष 40 एकड़ में ही खेती हुई थी। अब बाजार और अच्छी कीमत मिलने से खेती का रकबा बढ़ने का उम्मीद है।

चंदौली में जीआई टैग प्राप्त आदमचीनी चावल को वैश्विक बाजार मिलने से किसानों में हर्ष है। चावल के निर्यात के लिए छूट देने की कवायद चल रही है। सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें