पूछताछ में मौके पर मौजूद सचिव बार-बार यही कहते रहे कि साहब, सड़क तो यहीं बनाई थी, लगता है वह चोरी हो गई। वहीं 171 शौचालय के निर्माण में भी खामियां मिलीं। डीपीआरओ ने पंचायत सचिव गुड्डूू प्रसाद को चेतावनी दी कि अब तुम्हें जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता। निरीक्षण के दौरान पंचायती राज विभाग के डीसी मनोज सिंह, एडीओ पंचायत प्रेमचंद, शिकायतकर्ता विनोद कुमार यादव के अलावा ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव भी मौजूद थे।