सैयदाराजा। उत्तर प्रदेश बिहार की सीमा पर नौबतपुर में अधिकारियों की सख्ती के बाद जाम की समस्या लगभग समाप्त हो गई। गाड़ियां धड़ल्ले से आ जा रही है लेकिन इसकी आड़ में पुलिस और परिवहन विभाग ने ओवरलोड बालू लदे ट्रकों को पास कराने का खेल शुरू कर दिया। पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन पांच से सात सौ की संख्या में बालू लदे ट्रक पास हो रहे हैं। इससे न सिर्फ राजस्व की क्षति हो रही है बल्कि रोड के भी खराब होने की आशंका है।
कोविड़ 19 की वजह से 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू हो गया। सभी तरह के वाहनों का आवागमन बंद हो गया। हालांकि आवश्यक सामान की आपूर्ति के लिए ट्रकों का संचालन जारी रहा। 14 अप्रैल को लॉकडाउन के दूसरे चरण में खनन आदि की छूट दे दी। इसके बाद डेहरी ऑन सोन से बालू लादकर प्रदेश में आने लगे। इस पर बिहार और यूपी में ट्रकों की जांच तेज हो गई। इसी बीच दस मई की रात आंधी पानी की वजह से बिहार सीमा में खजूरा गांव के समीप बने प्रवासी श्रमिक रजिस्टे्रेशन, पुलिस और मेडिकल जांच केंद्र का कैंप उड़ गया। इसके बाद खजुरा के पास यूपी से बिहार की तरफ जाने वाली लेन बंद कर बिहार की तरफ से आने वाली लेन पर डाइवर्ट कर दिया। इससे सड़क पर जाम की स्थिति हो गई। छह दिन तक सड़क पर जाम की समस्या बरकरार रही। स्थिति गंभीर होने पर 16 मई को बिहार और यूपी के पुलिस अधिकारियों ने बातचीत की। इसके बाद कमिश्नर दीपक अग्रवाल और आईजी विजय सिंह मीणा ने हर हाल में जाम हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और देखते ही देखते जाम समाप्त हो गया। इसके बाद से यहां वाहनों की जांच भी बंद हो गई। इसका नतीजा हुआ कि बिहार से बिना यूपी का रवन्ना लिए ही ओवरलोड बालू लेकर ट्रक सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। प्रतिदिन पांच से सात सौ वाहन आ रहे हैं। इससे लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। इस बीच यूपी से बिहार जाने वाले अस्थायी पुल की मिट्टी धंसकने लगी है। अस्थायी पुल 50 टन की क्षमता झेलने के लिए बना है। स्थिति यह है कि बिहार से 60 से 70 टन बालू लेकर ट्रक आ रहे हैं।