चंदौली। डीएम नवनीत सिंह चहल के मथुरा का डीएम बनाए जाने और उनके स्थानांतरण के बाद शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विदाई समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। अधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान कर विदा किया। इस मौके पर डीएम ने तीन साल तक अधिकारियों और जनता की ओर से मिले सहयोग ी सराहना की। साथ ही उन्हें धन्यवाद दिया और इस दौरान वह कुछ पल के लिए भावुक हो गए।
डीएम ने कहा कि जिले में तीन साल का लम्बा कार्यकाल हमेशा याद रहेगा। इन तीन सालों में तमाम विकास सहित अन्य कार्य किए गए हैं। इसमें अधिकारियों और जनता का भरपूर सहयोग मिला है। इसके बदौलत जिले को कई उपलब्धियां भी हासिल हुई हैं। नीति आयोग ने जिले को अतिपिछड़ा घोषित किया है। अधिकारियों के ईमानदारी के साथ कार्य करने पर दो बार देश के 112 जिलों में पहले स्थान पर जनपद रहा है। वहीं काला चावल को भी ख्याति मिली। इसका डिमांड अब खाड़ी देशों सहित विदेशों में बढ़ रही है। अधिकारियों के साथ मिलकर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मुहैया कराया गया। ताकि किसानों को आय में बढोत्तरी हो सके। कोरोना काल में भी अधिकारियों के साथ ही जिले के जनता ने सहयोग किया। इससे जिले में अन्य जनपदों से बेहतर स्थिति बनी रही। समारोह में मुख्य विकस अधिकारी अजितेंद्र नारायण, अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार, एडीएम न्यायिक अनिल कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरके मिश्रा, परियोजना निदेशक सुशील कुमार, डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह, डीसी एनआरएलएम एमपी चौबे, उद्योव उपयुक्त गौरव मिश्रा, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी पांडेय आदि मौजूद रहे।
डीएम को भेंट की स्वरचिते कविताचंदौली। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को शनिवार को कलेक्ट्रेट में समारोहपूर्वक भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान सरकारी अफसरों व कर्मचारियों ने स्मृति चिह्न और उपहार भेंट किए। वहीं सदर तहसील में तैनात बरहुआ सैदूपुर निवासी रजिस्ट्रार कानूनगो सदर मूसे मुहम्मद जानी ने अपनी कविता की लिखित प्रति जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को भेंट की। उन्होंने खुद स्वरचित कविता का पाठ विदाई समारोह में किया। उन्होंने जनपद चंदौली को दिए गए कुशल प्रशासनिक सहयोग के लिए आभार भी जताया। उधर, नवनीत सिंह चहल ने रजिस्ट्रार कानूनगो की कविता सुनकर भावुक हुए और उनकी भेंट को स्वीकार कर उन्हें उनकी रचना के लिए बधाई दी।