चंदौली। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया और और वहां प्रशासक तैनात कर दिए गए हैं। वहीं कई ग्राम प्रधानों के विकास कार्य नहीं कराए जाने या खर्च करने का मौका नहीं मिला या फिर प्रशासन स्तर से विकास कार्यों को पास नहीं किए जाने के कारण ग्राम पंचायतों के खाते में भारी भरकम राशि पड़ी है। जिले में ग्राम पंचायतों के खाते में लगभग 50 करोड़ रुपये धनराशि अवशेष पड़ी है। जिसका उपयोग करके गांवों में बड़े काम जैसे सामुदायिक शौचालय, मिनी सचिवालय समेत अन्य विकास कार्यों को कराया जाना है।
जिले की 734 ग्राम पंचायतों में पांच लाख की लागत से सामुदायिक शौचालय बनवाए जा रहे हैं। वहीं 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय बन रहे हैं। इसका बजट 10 लाख से अधिक है। अभी 600 से अधिक ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माणाधीन हैं। कई ग्राम पंचायतों में तो पैसा होने के बावजूद जमीन के अभाव में शौचालयों की नींव तक नहीं पड़ सकी है। पैसा ग्राम पंचायतों के खाते में पड़ा हुआ है। पंचायत चुनाव के बाद ही शौचालयों व पंचायत भवन के पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद ही धनराशि का भुगतान होगा। फिलहाल ग्राम पंचायतों की कमान एडीओ पंचायत व सहकारिता को सौंपी गई है। उन्हें अपनी देखरेख में गांवों में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चंदौली। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया गया है। पंचायत चुनाव को लेकर आयोग की ओर से नए साल में जल्द ही अधिसूचना जारी की जा सकती है। जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन की ओर से चुनाव से पहले दोबारा बजट जारी किया जा सकता है। ऐसे में नए ग्राम प्रधान शपथ लेंगे तो खजाना खाली नहीं मिलेगा। चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए बजट का इंतजार नहीं करना होगा।
ग्राम पंचायतों के खाते में बजट का अभाव नहीं है। एडीओ पंचायत व सहकारिता को प्रशासक नियुक्त कर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। चुनाव के पहले शासन से दोबारा बजट मिल सकता है। विकास कार्यों पर नजर रखी जा रही है।
ब्रह्मचारी दूबे, जिला पंचायत राज अधिकारी।