नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल होने जा रहे ओडिशा के किसानों का काफिला मंगलवार को यूपी-बिहार बार्डर पर नौबतपुर पहुंचा। काफिले के साथ बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ विधायक व भभुआ विधायक किसानों के साथ पैदल चलकर बार्डर पर पहुंचे।
यहां पहले से पुलिस बल के साथ मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद्र ने किसानों के काफिले को जिले में धारा 144 लागू होने का हवाला देकर रोक दिया। इसके बाद रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह व भभुआ विधायक भरत बिंद की स्थानीय पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में किसानों को उनके वाहन से जाने दिया गया।
भभुआ विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के खिलाफ कानून पारित कर उन्हें छला है। इसके विरोध में वे ओडिशा से बिहार आए किसानों को यूपी बार्डर तक छोड़ने आए हैं। इस पर अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आप लोगों को कहीं जाने से रोका नहीं जा रहा है। आप लोग अपने साधन से जहां जाना चाहते हैं जा सकते हैं।
कोई आपको रोक नहीं रहा है, पर भीड़ इकट्ठा करने की इजाजत नहीं दी सकती क्योंकि धारा 144 लागू है। इसके बाद बिहार के दोनों विधायक अपने कार्यकर्ताओं के साथ लौट गए। वहीं उड़ीसा के किसान दर्जनों चार चक्का वाहनों व बसों से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
नव निर्माण किसान संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अक्षय कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान कानून लागू कर किसानों के साथ धोखा किया है। कानूनों की वापसी के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान दिल्ली जा रहे हैं। इस दौरान संगठन के यूपी प्रभारी हिमांशु तिवारी व अन्य मौजूद रहे।