चकिया। श्री मानस प्रेम यज्ञ सेवा समिति की ओर से चकिया मां काली मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्री रामकथा के पांचवे दिन काशी से पधारे मानस मर्मज्ञ अच्युतानंद पाठक ने कहा कि निष्काम भक्ति से जीवन की बाधा दूर करने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि केवट भगवान की महिमा को समझ चुका था। इसलिए भगवान के वन गमन के दौरान भगवान के चरण को पखारकर भवबाधा से मुक्त हो गया। उन्होंने कहा कि भगवान की निष्काम भक्ति से केवट ने पूरे संसार को भगवान के प्रति लगाव के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नवधा भक्ति के विविध आयामों से मानव जीवन काल में ही भगवान का साक्षात्कार कर सकता है। कथा के दौरान समाजसेवी डॉ. गीता शुक्ला, लीला केशरी, यशनाथ पांडेय, अरविंद पांडेय, विजयानंद द्विवेदी, पूर्व चेयरमैन कैलाश प्रसाद, अवधबिहारी मिश्र, श्यामधर शरण वैद्य, रामकिंकर राय रहे।