शहाबगंज। क्षेत्र के अमांव गांव स्थित कर्मनाशा नदी तट पर बाबा मुरलीधर खेल मैदान में नौ दिवसीय संगीतमय राम कथा व अमृत वर्षा का समापन मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास पूर्णिमा त्रिपाठी ने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की पावन कथा का वाचन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के समापन के साथ पूरे परिसर में आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण व्याप्त हो गया
कथा व्यास पूर्णिमा त्रिपाठी ने राम राज्याभिषेक प्रसंग का विशेष वर्णन करते हुए कहा कि वनवास की कठिन यात्रा, लंका विजय और धर्म के मार्ग पर चलने के बाद जब भगवान राम अयोध्या लौटे तो सम्पूर्ण अयोध्या नगरी दीपों और उत्साह से जगमगा उठी। भक्तों ने भक्ति और आनंद के साथ प्रभु श्रीराम का अभिनंदन किया। श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ ही सत्य, धर्म, न्याय और आदर्श राज्य की स्थापना हुई, जिसे रामराज्य के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान राम का जीवन आदर्श, त्याग, सेवा और मर्यादा का संदेश देता है। कथा के दौरान जय श्रीराम और सीता राम के जयघोष से पूरा मैदान गुंजायमान होता रहा।