शिवपाल सिंह ने दक्षिण अफ्रीका में हुए क्वालीफाइंग मुकाबले में 85.47 मीटर भाला फेंका था। इस शानदार प्रदर्शन बाद उन्होंने ओलंपिक का टिकट कटा लिया। शिवपाल नीरज चोपड़ा के बाद देश के दूसरे जेवलिन थ्रोवर थे जिन्होंने ओलंपिक में भाग लिया था।
दक्षिण अफ्रीका में चल रहे क्वालीफाइंग मुकाबले में 85.47 मीटर में भाला फेंक कर टोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का करने वाले शिवपाल सिंह की सफलता से कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी बेहद प्रभावित हुईं थी। उन्होंने पिछले दिनों सोशल मीडिया के जरिये शिवपाल की फोटो के साथ लिखा ‘चंदौली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले शिवपाल सिंह जी जेवलिन थ्रो में ओलंपिक खेलने जा रहे हैं। ये हम सबके लिए गौरव की बात है। बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएं। टोक्यो ओलंपिक में जाने से पहले सीएम योगी ने भी शिवपाल से वर्चुअल बातचीत की थी।
टोक्यो ओलंपिक में क्वालिफाई करने वाले जेवलिन थ्रोवर शिवपाल सिंह और एशियन गेम्स, जकार्ता में चयनित होने वाले कैनोइंग कयाकिंग (ड्रैग्न बोर्ड) के खिलाड़ी अभय सिंह के जिले चंदौली में खेल के प्रति काफी उदासीनता है। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कोई सुविधा ग्रामीण स्तर पर नहीं है।
आधुनिक संसाधन व ट्रेनिंग सेंटर तो दूर की बात है जनपद में आज कोई स्टेडियम या उच्च स्तरीय खेल मैदान नहीं बन सका। सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों का अन्य जिलों एवं राज्यों के लिए पलायन का सिलसिला जारी है।
स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ चंदौली, खेलजगत फाउंडेशन के महासचिव व चंदौली क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष कुमार नंदजी ने बताया कि जनपद में कुश्ती, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स जैसे खेलों में खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन हो रहा है लेकिन कबड्डी, ग्रेप्पलिंग, आर्चरी, सेपकताकरा, फुटबॉल इत्यादि के खिलाड़ियों को सुविधाओं के अभाव में प्रैक्टिस के लिए भटकना पड़ता है। वहीं जिला खेल विभाग के सुस्त रवैये से खिलाड़ियों को खेल से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती।