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नारायणपुर पंप कैनाल का 60 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार

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पीडीडीयू नगर। मिर्जापुर जिले के चुनार तहसील में बने नारायणपुर पंप कैनाल के जीर्णोद्धार व क्षमता वृद्धि के लिए लिए शासन ने शुक्रवार को 60 करोड़ 30 लाख 90 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस पंप कैनाल से निकली नहरों से चंदौली जिले के करीब 85 प्रतिशत खेतों की सिंचाई होती है। केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और सैयदराजा विधायक सुशील सिंह के प्रयास से पंप कैनाल के जीर्णोद्धार व उच्चीकरण की स्वीकृति मिली है।
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नारायणपुर पंप कैनाल का निर्माण छह दशक पूर्व वर्ष 1958 में कराया गया था। तब पंप कैनाल की क्षमता 1460 क्यूसेक थी। इसे बढ़ाकर 1800 क्यूसेक करने की योजना थी जो ठंडे बस्ते में चली गई है। निर्माण के बाद मरम्मत व देखरेख न होने से वर्तमान में सभी पंपों की स्थिति जर्जर हो गई है और उसकी क्षमता भी कम हो गई है। इससे टेल के किसानों के खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है। इस पंप कैनाल से चंदौली के करीब पांच सौ गांवों के किसानों की लगभग सवा लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है। कोरोना काल के बाद बंद हुए पंप कैनाल से सिंचाई में काफी दिक्कत हुई थी। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पंप कैनाल के जीर्णोद्धार और उच्चीकरण कराए जाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पंप कैनाल के जीर्णोद्धार और क्षमता वृद्धि के लिए 60 करोड़ 30 लाख 90 हजार रुपये की स्वीकृत प्रदान की है। शीघ्र ही पंप कैनाल के जीर्णोद्धार व क्षमता वृद्धि का कार्य शुरू किया जाएगा। क्षमता वृद्धि होने से टेल के किसान की सिंचाई की समस्या का समाधान हो जाएगा।
चंदौली के खेतों की सिंचाई के मुख्य साधन नारायणपुर पंप कैनाल को 12 वर्ष तक ही चलना था लेकिन यह 16 वर्ष सेवा दे चुका है। ऐसे में इसे अपग्रेड करने की मांग की जा रही थी। पंप कैनाल की मरम्मत होने के बाद अगले वर्ष तक नए स्वरूप में आ जाएगा।
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सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी ने जब नारायणपुर पंप कैनाल बनवाया था तब वहां पर 14 लिफ्ट पंप लगे थे और इसके जरिए 1460 क्यूसेक पानी देने की बात कही गई थी। समय बीतने के साथ यह परियोजना पुरानी पड़ती गयी और मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति होती रही। हालत यह हो गई कि अब यह कैनाल कभी भी अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल पाता है। फिलहाल 14 पंप चलाने पर केवल नौ सौ से एक हजार क्यूसेक पानी ही निकल पाता है। वहीं सारे पंप कभी भी एक साथ नहीं चलाए जाते हैं।
पंप कैनाल के जिर्णोद्धार की सूचना के बाद किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रगतिशील किसान भाकियू के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव, भाकियू भानु के मंडल अध्यक्ष संतविलास सिंह, प्रगतिशील किसान रतन सिंह, किसान नेता रवींद्रनाथ सिंह मुन्ना फकीर, सुमंत सिंह अन्ना ने बताया कि पंप कैनाल के जीर्णेाद्धार के बाद चंदौली में सिंचाई की समस्या समाप्त हो जाएगी।
नरायणपुर पंप कैनाल के पूरी क्षमता से नहीं चलने से जनपद के किसानों को सिंचाई की समस्या झेलनी पड़ती है। पंप कैनाल का जीर्णोद्धार हो जाने से उनकी सिंचाई की समस्या का समाधान हो जाएगा।
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सर्वेशचंद्र सिन्हा, एक्सईएन, चंद्रप्रभा प्रखंड।
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