बारिश के बाद जिले के निकायों में मच्छरों और अस्पतालों में भी मलेरिया व डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की भी संख्या बढ़ गई है। संक्रामक बीमारियों की बढ़ी आशंका के बीच जिले के निकायों में फाॅगिंग तो कराई जा रही है, लेकिन सफाई की स्थिति बदहाल है।
चोक नालियां और कचरे के ढेर के बीच संक्रामक बीमारियों को बढ़ाने वाले मच्छर पनप रहे हैं।
जिले में भदोही व गोपीगंज नगर पालिका समेत ज्ञानपुर, सुरियावां, नईबाजार, खमरिया और घोसिया नगर पंचायत है। सात निकायों की कुल 113 वार्डों में करीब साढे तीन से चार लाख की आबादी रहती है। जिले में इन दिनों बारिश के बीच कई जगहों पर नालियां चोक हैं।
नगर पंचायत की ओर से नालियों की नियमित सफाई न कराए जाने के कारण बारिश के बाद अब कई मोहल्लों में जलभराव की शिकायतें आम है।
वहीं नगर में जगह-जगह पड़े कचरे के ढेर के बीच संक्रामक बीमारियां पनप रही हैं। हमारी टीम ने सात निकायों में नालियों व कचरे की हकीकत देखी। जहां करीब 13 जगहों पर कचरा डंप मिला। वहीं चार से पांच जगहों पर चोक नालियां मिलीं।
ज्ञानपुर में पशु अस्पताल के पास, बालीपुर के अलावा वार्ड सात में कचरा डंप मिला। वहीं वार्ड एक की दलित बस्ती में पानी भरा मिला। गोपीगंज में मिर्जापुर रोड पर गणेश मंदिर के सामने जानी वाली सड़क पर चोक नाली से जलभराव दिखा।
वहीं सदर मोहाल के पीछे वार्ड 21 में कचरे से पटा टीला बना रहा। इसी तरह भदोही नगर पालिका के मदारीपुर में कचरा डंप दिखा। इसी तरह सुरियावां, घोसिया, नईबाजार जैसे निकायों में जगह-जगह कचरा डंप दिखा।
जिले में सातों निकायों में हर माह फाॅगिंग के नाम पर 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें गोपीगंज व भदोही नगर पालिका में पांच-पांच हजार, वहीं निकायों में तीन-तीन हजार रुपये के आसपास खर्च होता है।
इस लिहाज से पालिका जहां 10 हजार प्रतिमाह तो निकाय 15 हजार प्रतिमाह खर्च कर रहे हैं। वहीं सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सफाईकर्मियों के हाथ में होती है।