जंगलों में लगातार कम हो रहे भोजन के कारण बंदर और लंगूरों का झुंड बड़ी संख्या में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में कई घटनाओं में बंदर लोगों पर अचानक झपट पड़े और कई को घायल कर दिया।
बंदरों के झुंड घरों के आसपास मंडराते रहते हैं और मौका मिलते ही रसोई के पास रखी वस्तुएं, फल-सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री उठा ले जाते हैं। कुछ परिवारों ने बताया कि घर के भीतर खिड़की-दरवाजे थोड़े भी खुले रह जाएं तो बंदर घुसकर सामान बिखेर देते हैं।
इससे न सिर्फ नुकसान होता है, बल्कि घर में छोटे-बुजुर्ग भी भयभीत रहते हैं। किसानों का कहना है कि बंदरों ने कई खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इनके पकड़ने के इंतजाम नहीं हैं। खेतों की रखवाली के लिए किसानों को अतिरिक्त समय लगाना पड़ रहा है।
विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जल्द ही विशेष अभियान चलाकर बंदरों की धर-पकड़ की जाएगी। टीम तैयार की जा रही है और प्रभावित गांवों में जल्द कार्रवाई शुरू होगी। ग्रामीणों से अपील है कि वे बंदरों को खाने की सामग्री न दें और संयम व सावधानी के साथ स्थिति का सामना करें।
-बी शिवशंकर डीएफओ चंदौली