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आठ माह बाद चली मेमू ट्रेन

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पीडीडीयू नगर। कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन के 241 दिन बाद पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना के लिए पहली मेमू ट्रेन चली। इसके साथ ही जनरल टिकट काउंटर भी खोला गया। पहले दिन स्टेशन से 140 टिकट बिके। इससे रेलवे को 38 सौ रुपये की आय हुई।
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कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश में 25 मार्च को लॉकडाउन हो गया। इससे ट्रेनों का संचालन भी बंद हो गया। बाद में समिति संख्या में ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। कोविड स्पेशल ट्रेनों में जनरल बोगी को समाप्त कर दिया गया और इसे सेकेंड सिटिंग बना दिया गया। बिना रिजर्वेेशन के यात्रियों को ट्रेन में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। इससे लंबी दूरी के यात्री तो रिजर्वेशन कराकर यात्रा कर ले रहे हैं लेकिन छोटी दूरी के यात्रियों को परेेशानी हो रही है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने 21 से 30 नवंबर तक पं. दीनदयाल उपाध्याय से पटना के बीच एक मेमू ट्रेन चलाने की घोषणा की। यात्रियों को टिकट लेेने में परेशानी न हो इसके लिए जनरल बुकिंग काउंटर को भी खोला गया। दोपहर में 2.35 बजे ट्रेन प्लेटफार्म संख्या आठ से पटना के लिए खुली। बुकिंग अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि रेलवे स्टेशन से पटना, आरा, बक्सर, जमानियां, दिलदारनगर के लिए 140 लोग सवार हुए। इससे रेलवे को 38 सौ रुपये की आय हुई।
पीडीडीयू नगर। पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान यात्रियों में कोरोना का भय नहीं दिखा। बड़ी संख्या मे ट्रेन में यात्री बिना मास्क के सवार हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य किया है। बावजूद इसके पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों में कोरोना का कोई भय नहीं दिखा। लोग बिना मास्क के ही अंदर प्रवेश कर गए और न ही सामाजिक दूरी का पालन हुआ।
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पीडीडीयू नगर। लगभग आठ माह बाद शुरू हुए पटना पैसेंजर में सवार होने पहुंचे यात्री पहले दिन ही गफलत में पड़ गए। हुआ यूं कि यात्री पहले ही स्टेशन पर पहुंच गए। प्लेटफार्म संख्या पांच पर स्टाफ स्पेशल ट्रेन खड़ी थी। यात्री इसे पटना पैसेंजर समझ कर सवार हो गए। सवा दो बजे एनाउंस किया गया कि पटना पैसेंजर आठ नंबर प्लेटफार्म पर पहुंच रही है। इसके बाद यात्री इसमें उतर कर सीढ़ियां चढ़कर प्लेटफार्म संख्या आठ पर पहुंचे और ट्रेन में सवार हुए।
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रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-2200
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