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धान क्रय केंद्रों पर अधिकारियों की सुस्ती, किसानों पर पड़ रही भारी

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सचित्र-पीडीडीयू नगर। जिले में धान खरीद में अधिकारियों की सुस्ती कम नहीं है। पिछले दिनों डीएम ने प्रत्येक केंद्रों पर प्रतिदिन तीन सौ कुंतल धान खरीद का फरमान जारी किया था। बावजूद इसके केंद्रों पर कहीं बोरे का अभाव तो कहीं तौल में दिक्कत की वजह से खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। खरीद में जुटे अधिकारियों की सुस्ती किसानों को भारी पड़ रही है।
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किसानों के धान क्रय करने के लिए जिले में 112 क्रय केंद्र बनाए गए है। इसके लिए विपणन शाखा, यूपी एग्रो, पीसीएफ, एनसीसीएफ, पीसीयू, नैफेड सहित पंजीकृत एजेंसिंयों को जिम्मेदारी मिली है। किसानों से 1.83 लाख एमटी धान क्रय करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए विपणन शाखा, यूपी एग्रो, पीसीएफ, एनसीसीएफ, पीसीयू, नैफेड सहित पंजीकृत एजेंसिंयों को जिम्मेदारी मिली है। इसमें अरावली एग्रो के दस धान क्रय केंद्र, एनसीसीएफ और केआरबी के पांच-पांच क्रय केंद्र बंद हो गए हैं। किसानों से 1.83 लाख एमटी धान क्रय करने का लक्ष्य निर्धारित है।इस वर्ष जिले में 1.135 लाख हेक्टेयर में खेती की गई है। इस वर्ष शासन ने समय से पहले 15 अक्तूबर से खरीद शुरू करा दी। 29 फरवरी तक होनी है। खरीद शुरू हुए दो माह पूरे हो गए लेकिन धान खरीद में तेजी नहीं आई। मंगलवार को यूपी एग्रो क्रय केंद्र अमड़ा में को 280 कुंतल धान की खरीद हुई। क्रय केंद्र प्रभारी सुरजीत सिंह ने बताया कि अब तक 54 किसानों से 33 कुंतल 41 किलो ग्राम खरीद हुई है। विपणन शाखा सेमरा तीन किसान 200 कुंतल आज खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी निरज सिंह अब तक 1150 कुंतल खरीद हुई। इसी तरह नियामताबाद के विपणन शाखा सेमरा पर दो सौ कुंतल धान की खरीद हुई है।
धान क्रय केंद्रों पर किसानों की उपज को क्रय करने के लिए तौल मशीन बढ़ाई जा रही है। ताकि निर्धारित क्षमता से अनुसार धान क्रय किया जा सके। कुछ जगहों पर केंद्र प्रभारियों के द्वारा सुस्ती बरतने की सूचना मिली है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजा जाएगा। अनूप श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ।
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