चहनिया। क्षेत्र के पूरा गणेश स्थित बुढ़ऊ बाबा मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय संगीत मय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह के चौथे दिन मंगलवार को वृंदावन से आईं कथावाचिका शिव ज्योति किशोरी ने बामन अवतार व रामावतार सहित विष्णु के सभी 24 अवतारों की कथा का श्रवण कराया। कथा के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया।
कथावाचिका ने कहा कि एक दृश्य से मानव का पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख और कान सहित सभी इंद्रियों पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका भागवत भजन है। जो जीव भगवत भजन करने के साथ भगवान के नाम में विश्वास रखता है, वह आसानी से भवसागर से तर जाता है। कहा कि सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। यह मानव के ऊपर निर्भर करता है कि वह क्या देख व सुन रहा है। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ व अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग का वृतांत सुनाया जाएगा। इस मौके पर दिनेश प्रसाद, अरूण प्रसाद, मदन साहनी, राजकुमार यादव, रोलू यादव, मुलायम यादव रहे।