पीडीडीयू नगर। बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवात ‘असानी’ ने ओडिशा, बंगाल व बिहार के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी असर डाला है। चक्रवात के कारण जिले के मौसम में भी सोमवार से परिवर्तन महसूस किया जा रहा है। चक्रवात के दौरान ओडिशा और बंगाल में भारी बारिश हुई है। दोनों प्रदेशों में हुई बारिश के बाद चल रही पुरवा हवा के कारण आसमान पर बादलों के छाने और ठंडी हवा चलने का असर स्थानीय मौसम पर हुआ है। इसके साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को जिले का उच्चतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जो अब तक 40 डिग्री के ऊपर दर्ज हो रहा था।
अप्रैल माह में प्रचंड गर्मी पड़ने के बाद मई माह के शुरुआती सप्ताह से मौसम में परिवर्तन के संकेत मिलने लगे हैं। असानी चक्रवात के बाद चल रही पुरवा हवा ने जहां गर्मी के प्रकोप को कम किया है, वहीं आसमान में बादल भी दिखने लगे हैं। हालांकि मई माह के शुरुआती दिनों में जिले में बादलों के छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई लेकिन मौसम विभाग इसे प्री मॉनसून ही मान रहा है। जिले में मानसून आने की तिथि 21 जून को माना जाता है। बंगाल की खाड़ी से आ रही पुरवा हवाओं का प्रभाव बढ़ने के साथ तापमान घटकर 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सतही स्तर पर बंगाल की खाड़ी से आ रही आर्द्र पुरवा हवाओं के मध्य क्षोभमंडलीय पछुवा हवाओं के साथ समागम के प्रभाव से बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। मौसम विभाग का मानना है कि असानी के बाद बंगाल की खाडी़ से आ रही आर्द्र पुरवा हवाओं का प्रभाव बढ़ने से आगामी चार-पांच दिनों के दौरान आसमान पर बादल छाए रहने की संभावना बन रही है।
अभी तक केरल में मानसून नहीं पहुंचा है। वहां मानसून आने के बाद ही देश के अन्य इलाकों में इसका समय निर्धारित होता है। इस समय बादलों के छाने व छिटपुट बारिश को असानी का असर ही कहा जा सकता है। अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, राज्य कृषि मौसम केंद्र।