जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह के सदस्य कंचन मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है। एटीएस ने उसे मुगलसराय से पकड़कर मांडा पुलिस को सौंप दिया है। मांडा में दर्ज मुकदमे में वह 16 महीने से फरार चल रहा था।
कंचन पुत्र विजय मंडल जोयनपुर, वैष्णवनगर, थाना मालदा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। उसके कब्जे से एक मोबाइल व आधार कार्ड बरामद हुआ है। वह बांग्लादेश से जाली नोटों को लाकर देश में तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना कुख्यात सुभाष मंडल का साथी है।
सात नवंबर 2022 को एसटीएफ ने मांडा में 1.95 लाख के नकली नोटों संग हेमपुर गांव के उमाशंकर बिंद व रामबाबू बिंद को गिरफ्तार किया किया था। पूछताछ में खुलासा किया था कि यह नकली नोट उन्हें पश्चिम बंगाल में सुभाष मंडल व कंचन मंडल ने दिए थे। 60 हजार रुपये में दो लाख रुपये के नकली नोट उन्हें दिए गए थे। इसी मुकदमे में सुभाष व कंचन को वांछित किया गया था। सुभाष को पिछले साल जुलाई में एटीएस ने वाराणसी से गिरफ्तार किया था। तब वह प्रयागराज में मांडा समेत चार थानों में दर्ज मुकदमों में वांछित था। इसके बाद से कंचन की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी।