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भारतीय रेलवे: अब गार्ड कहलाएंगे ट्रेन मैनेजर, पद नाम बदलने की लंबित मांग आखिरकार मंजूर

Sun, 21 Nov 2021 11:55 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, पीडीडीयू नगर

सार

रेलवे गार्ड का पदनाम बदले जाने पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने खुशी जताई है
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ट्रेन गार्ड सुधा कुमारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ट्रेन के गार्ड अब ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। पिछले दिनों ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और रेलवे बोर्ड स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक में गार्डों के इस लंबित मांग को पूरा करते हुए पदनाम बदलाव के लिए मुहर लगा दी है। रेलवे गार्ड का पदनाम बदले जाने पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने खुशी जताई है।

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ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय संगठन मंत्री बीबी पासवान ने बताया कि 17 और 18 नवंबर को ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन पीएनएम (स्थायी तंत्र वार्ता) की बैठक रेलवे बोर्ड के साथ हुई। इसमें रेलवे गार्ड का पद बदलकर ट्रेन मैनेजर करने की मांग रखी गई।

बैठक में मौजूद ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा और उपाध्यक्ष एसएनपी श्रीवास्तव की मांग पर रेलवे बोर्ड ने अपनी सहमति की मुहर लगा दी। जल्द ही जोनल रेलवे को इस संबंध में  आदेश जारी किए जाएंगे।
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छह वर्ष बाद रेलवे बोर्ड ने दी स्वीकृति
कहा कि रेलवे गार्ड के पदनाम बदलने की तैयारी वर्ष 2015 से चल रही थी। अब छह वर्ष बाद रेलवे बोर्ड ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। कहा कि यात्री ट्रेनों में यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने पार्सल सामग्री का निष्पादन यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन की संरक्षा भी गार्ड के जिम्मे है। ऐसे में पदनाम बदलना आवश्यक है।

 बताया कि रेलवे गार्ड एवं लोको पायलट को ग्रेड पे 4600 एवं 4800 दिए जाने की मांग को लेकर रेल मंत्रालय से बातचीत की जा रही है। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को मिलने वाली हार्ड ड्यूटी एलाउंस को सिक में रहने पर काट दिया जाता था जो अब नहीं काटा जाएगा। वहीं रेलवे के गार्डों के पर नाम बदले जाने की स्वीकृति मिलने पर प्लांट डिपो शाखा के अध्यक्ष एसपी सिंह, शाखा मंत्री सुल्तान अहमद समेत कई कर्मचारियों ने खुशी जताई। 

दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची पीडीडीयू-गया ईएमयू

डाउन पीडीडीयू-गया ईएमयू दुर्घटनाग्रस्त होने से बची - फोटो : अमर उजाला
पं. दीनदयाल उपाध्याय-गया रेल रूट पर पुसौली से कुदरा के बीच रविवार को डाउन पीडीडीयू-गया ईएमयू दुर्घटनाग्रस्त होने से बची। ईएमयू के एक कोच का पहिया जाम होने की वजह से धुआं निकलने लगा। इससे यात्रियों में खलबली मच गई। बाद में ट्रेन को पांच घंटे तक रोक कर मरम्मत के बाद आगे के लिए रवाना किया गया। 

रविवार सुबह पीडीडीयू नगर-गया ईएमयू पैसेंजर पुसौली से आगे बढ़ी और कुदरा स्टेशन पहुंच रही थी। स्टेशन के एक किलोमीटर पहले सुबह 06.19 बजे यात्रियों ने एक कोच के पहिए से धुआं निकलता देखा। पहिया जाम देख कर चालक ने ट्रेन रोक दी। इसकी सूचना कंट्रोल को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारियों में खलबली मच गई।

ट्रेन रुकने से डाउन लाइन बाधित हो गई। हालांकि तीसरी लाइन से डाउन की ओर जाने वाली ट्रेनों को गुजारा गया। सूचना पर एडीआरएम राकेश रोशन, कमांडेंट आशीष मिश्र सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने काफी प्रयास के बाद पांच घंटे बाद पहिया ठीक किया और ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। डीआरएम राजेश कुमार पांडेय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। 
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चार दिन पहले दुर्घटनाग्रस्त हुई थी मालगाड़ी

अभी पांच दिन पहले ही बुधवार की सुबह पीडीडीयू प्रयागराज रूट पर पीडीडीयू स्टेशन के समीप ही डाउन लाइन पर जफरपुर फाटक के पास मालगाड़ी के आठ डिब्बे बेपटरी हो गए थे। इस मामले की अभी जांच चल रही है। इसी बीच अब मंडल में यह दूसरी घटना ने जांच पर संरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 
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