सकलडीहा। बंधी प्रखंड की ओर से लेहरा मनिहरा ड्रेन की खोदाई के लिए दो माह पूर्व रिष्टी गांव में पुलिया तोड़कर छोड़ दी गई थी। अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण रिष्टी व व आसपास गांव की लगभग पांच सौ बीघे में हुई धान की नर्सरी जलमग्न हो गई है। इससे नाराज किसानों ने बृहस्पतिवार को बंधी प्रखंड के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा प्रखंड के अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कराने की डीएम से मांग की है।
शासन की ओर से किसानों की समस्या को देखते हुए पिछले दिनों बंधी प्रखंड विभाग से लेहरा मनिहरा ड्रेन की खोदाई शुरू कराई गई थी। मरम्मत के लिए 15 मई को रिष्टी गांव में की जर्जर पुलिया को तोड़ दिया गया था। आवागमन प्रभावित न हो इसके लिए पास से मिट्टी की रोड़ बनाकर छोड़ दी गई। बारिश के कारण ड्रेन भर जाने से तटबंध टूट गया और पांच सौ बीधा से अधिक रोपी गयी धान की नर्सरी जलमग्न हो गई है। किसानों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज किसानों ने प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन से जलमग्न हुए फसल का मुआवजा और पुलिया मरम्मत एवं बंधी प्रखंड के ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इस मौके पर ग्राम प्रधान दीनबंधु राजभर, मराछू, अशोक सिंह, रवि सिंह, सुरेन्द्र सिंह, बीरबहादूर, श्रीकांत त्रिपाठी, राजेश,अवनीश सिंह,कमलेश सिंह, जगरन मौजूद रहे।
सकलडीहा। बंधी प्रखंड विभाग की ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही से रिष्टी, शिवपुर, महगांव, मड़ईपुर, जलालपुर, प्रेमनगर, लेहरा सहित कई गांव के किसानों द्वारा रोपी गयी फसल जलमग्न हो गयी है। इस बाबत अधिशासी अभियंता बंधी प्रखंड पवन अग्रहरी ने बताया कि पुलिया निर्माण के लिये डायवर्जन बनाया गया था। ड्रेन में पानी अचानक बढ़ जाने व बहाव के कारण समस्या हो गयी है। शीघ्र ही पुलिया का मरम्मत कार्य कराया जायेगा। संवाद