पीडीडीयू नगर। यदि कमजोरी महसूस हो और अचानक किसी अंग में झुनझुनी होने लगे, चेहरे, हाथ या पैर में लकवा की भी समस्या हो तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह ब्रेन हेमरेज का कारण बन सकता है। समय पर इलाज मिले जो ब्रेन हेमरेज से बचाव हो सकता है। ये बातें न्यूरो सर्जन डॉ. नंदजी सिंह ने पीडीडीयू नगर के एक होटल में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) की ओर से आयोजित सेमिनार में एडवांस न्यूरो सर्जरी पर चर्चा करते हुए कहीं।
कार्यक्रम की शुरूआत विधायक रमेश जायसवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाईके राय, एसीएमओ डॉ. आरबी शरण, डॉ. संजय कुमार सिंह, समाजसेवी सतीश जिंदल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। न्यूरो सर्जन डॉ नंदजी सिंह ने ब्रेन हेमरेज पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई शारीरिक स्थितियां ब्रेन हेमरेज का कारण बन सकती हैं। ब्रेन हेमरेज के प्रभाव अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं। यह समस्या सबसे अधिक उम्रदराज लोगों में देखने को मिलती है। शिशुओं में जन्म के समय चोट या गर्भावस्था के दौरान मां के पेट पर लगे चोट के कारण भी ब्रेन हेमरेज की समस्या हो सकती है।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि हमें किसी प्रकार की शारीरिक समस्या होती है या हम बीमार पड़ते हैं तक हम चिकित्सक के पास जाते हैं। वे हमारी समस्याएं दूर करते हैं। इस मौके पर डॉ. मनोज सिंह, डॉ. आरडी तिवारी, डॉ. एके सिंह, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. भारत जायसवाल, डॉ. वाईपी यादव, डॉ. सीबी सिंह, डॉ. रमेश उपाध्याय, डॉ. आशा कश्यप, डॉ. सत्यपाल यादव, डॉ. मुमताज रहे। संचालन डॉ ओपी सिंह ने किया।