पीडीडीयू नगर। केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद पीडीडीयू मंडल की ओर से शनिवार को बाकले प्रमोदशाला में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी का गुणगान किया। वहीं, मुख्य अतिथि रेलटेल में सलाहकार अमिताभ खरे ने कहा कि हिंदी में पूरे देश को एक साथ जोड़ने की क्षमता है।
सम्मेलन की शुरुआत मिर्जापुर से आईं कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना से की। प्रयागराज से आईं डॉ. वंदना शुक्ला ने भारत का नाम हिंदी, हिंदोस्तान, हिंदी मिलकर चलो, हम कहें जय-जय हिंदी... सुनाकर हिंदी का गुणगान किया। बाराबंकी से आए प्रमोद पंकज ने कोरोना मेरे देश में न आना... से लोगों को खूब हंसाया। वाराणसी से आए सलीम शिवालवी ने दिमाग हो कहीं, दिल वतन के साथ रहे, हर एक सांस इसी अंजुमन के साथ रहे... सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया। संचालन सुरेश कुमार अकेला ने किया।
इसके पहले भूमंडलीकरण के दौर में हिंदी कार्य में कंप्यूटर के योगदान पर गोष्ठी हुई। इसमें हिंदी को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। विशिष्ट अतिथि डीआरएम उदय सिंह मीणा ने कहा कि रेलवे लगातार हिंदी को बढ़ावा दे रहा है। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने भी लोगों से हिंदी में काम करने की अपील की।
इस मौके पर मुख्य राजभाषा अधिकारी कुलदीप, एडीआरएम द्वितीय सूरज कुमार, दीपा खरे, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी नीरज कुमार, सहायक कार्मिक अधिकारी सह राजभाषा अधिकारी राजेश कुमार आदि रहे। अध्यक्षता मंजय कुमार सिंह ने और संचालन दिनेश शर्मा ने किया।