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रासलीला के दूसरे दिन श्रीकृष्ण जन्म पर बधाई उत्सव का मंचन

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पीडीडीयू नगरढ्ढ कैलाशपुरी स्थित अग्रवाल सेवा संस्थान में मारवाड़ी युवा मंच की तरफ से आयोजित रासलीला के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को वृंदावन से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म होने पर बधाई उत्सव की मनमोहक प्रस्तुति की। इस दौरान कलाकारों ने महारास के साथ बधाई नृत्य, मयूर नृत्य, थाली नृत्य, चक्र नृत्य व शिव तांडव भी प्रस्तुत किए। वहीं बाल व्यास ने भक्त प्रह्लाद, गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, राम अवतार, राम जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण अवतार की कथा सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
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बधाई उत्सव के बाद प्रस्तूत की गई लीला में दर्शाया गया कि श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए भगवान शिव साधु के वेष में नंद बाबा के दरवाजे पहुंचकर भिक्षा के लिए पुकार लगाते हैं। यशोदा मइया जब अन्न की टोकरी लेकर आती हैं तो शिव जी लेने से इंकार कर देते हैं और कान्हा के दर्शन की इच्छा जताते हैं। यशोदा मइया सोच में पड़ जाती हैं तो शिव जी स्थिति को भांपते हुए कहते हैं कि वे तो कान्हा की नजर उतारना चाहते हैं। इसके बाद यशोदा मइया कान्हा को लेकर आती हैं। भगवान को बाल रूप में देखकर शिव जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और मगन होकर नाचने लगते हैं। रासलीला के कलाकारों ने इस वृतांत की मनोरम झांकी व नृत्य प्रस्तुत किया। इस मौके पर व्यास नंदकिशोर मिश्रा ने कहा कि भगवान कृष्ण का दर्शन पाने के लिए शिव जी इतने आतुर थे कि सन्यासी के वेष में नंद बाबा के दरवाजे पहुंच गए। इसके लिए बहाने बनाने से भी पीछे नहीं हटे। कार्यक्रम को सफल बनाने में आत्माराम तुलस्यान, आनंद तोदी, विष्णुकांत अग्रवाल, मनोज आदि ने सहयोग किया।
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