कृषि विभाग ने जिले के राजकीय गोदामों में धान का उन्नत प्रजाति का बीज पहुंच जाने का दावा किया है। गोदामों से निर्धारित दर पर बीज की बिक्री की जा रही है। कृषि विभाग की ओर से उन्नत प्रजाति के बीज पर 40 से 50 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को धान की नर्सरी डालने से पूर्व मिट़्टी जांच, हरी खाद का प्रयोग और बीज शोधन के बारे में भी विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं।
कृषि उपनिदेशक राजीव कुमार भारती ने बताया कि राजकीय बीज गोदामों में एचयूआर-917, शियाट्स-4, एमटीयू-7029 और पीबी-159 प्रजाति का धान का बीज मंगाया गया है। सभी गोदामों में पर्याप्त मात्रा में बीज मौजूद है। कृषि विभाग ने निर्धारित दर पर बीज की बिक्री का निर्देश दिया है। एचयूआर 917 का उत्पादन 50 से 56 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इस पर सामान्य बिक्री पर 50 फीसदी और प्रदर्शन पर 90 फीसदी अनुदान है। इसी तरह शियाट्स का उत्पादन 60 से 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। एमटीयू 7029 का उत्पादन 65 से 75 क्विंटल तक है। धान की प्रजातियां 130 से 140 दिनों में पक कर तैयार हो जाती हैं। ऐसे में इसकी खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि किसानों को अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की जांच और हरी खाद का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही हमेशा प्रमाणिक बीज ही प्रयोग में लाना चाहिए।