रामदुलारे की पत्नी जीआछी (60) आग बुझाने में झुलस गई। वहीं, इसके अलावा पड़ोसी हेमराज की मई में बंधी चार बकरियों की आग की चपेट में आने से जलकर मौत हो गई। वहीं, 12 मन गेहूं सहित अन्य खाद्य सामग्री और साइकिल इत्यादि सामान जलकर खाक हो गए।
वहीं पड़ोसी राधे राम के घर में रखा टिल्लू इंजन पाइप बाइक साइकिल के साथ-साथ गृहस्थी का सामान भी पूरी तरीके से जलकर राख हो गया। इसके अलावा राधे राम की भी एक भैंस आग की चपेट में आकर झुलस गई।
हालांकि, आग लगने के बाद अब तीनों परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील और जिला प्रशासन से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है जिससे कि उनका जीविकोपार्जन हो सके।