मध्यस्थता केंद्र में कार्यरत मध्यस्थ अधिवक्ताओं की बैठक सोमवार को जिला न्यायालय परिसर स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में हुई। इसमें 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर चर्चा की गई।
अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने अधिवक्ताओं से सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कराने का आह्वान किया। सचिव ने बताया कि उच्च न्यायालय की ओर से राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके तहत मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने मध्यस्थ अधिवक्ताओं से पक्षकारों के बीच आपसी सहमति बनाने और अभियान को सफल बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 12 सितंबर, शनिवार को सुबह 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी।
इसमें प्री-लिटिगेशन, सिविल, मोटर दुर्घटना दावा प्रतिकर, भरण-पोषण, चेक बाउंस, मोटर वाहन अधिनियम से संबंधित शमनीय दांडिक, राजस्व और चकबंदी वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा बैंक रिकवरी, श्रम, बीमा, बिजली, टेलीफोन, जलकर निर्धारण और नगर पालिका कर निर्धारण के विरुद्ध अपील आदि मामलों का भी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में नियत करने तथा पक्षकारों को समय से नोटिस और सम्मन भेजने के निर्देश दिए। कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निस्तारण कराकर लोगों को त्वरित राहत दिलाई जाए। संवाद