पीडीडीयू नगर/नौगढ़। काफी समय से धान और खाद की खरीद में अनियमितता झेल रहे किसानों को परेशान करने के लिए केंद्र प्रभारियों ने नया पैंतरा अपनाया है। नौगढ़ के बोझ गांव में किसानों को यूरिया की बोरी के साथ जबरन 75 रुपये का जिंक का पैकेट दिया जा रहा है। जो चार महीने पहले ही एक्सपायर हो चुका है। जिंक न लेने पर किसानों को यूरिया भी नहीं दिया जा रहा। किसानों ने इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की है।
हल्की बारिश के बाद धान की फसल में यूरिया का छिड़काव होना है। लेकिन सोसायटी के जिम्मेदार किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। 270-75 रुपये की एक बोरी यूरिया खाद लेने पर 75 रुपये के एक्स्पायर जिंक का पैकेट खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। माह अक्टूबर 2018 में बने जिंक की एक्सपायरी डेट सितंबर 2021 अंकित है।
विकास खंड नौगढ़ के साधन सहकारी समिति बोझ का संचालक शासन के निर्देशों को दरकिनार करके एक बोरी यूरिया के साथ एक किलो जिंक का पैकेट जबरन थमा रहा हैै। यह जिंक चार महीने पहले ही एस्पायरी हो चुका है। जिला पंचायत सदस्य नौगढ़ सेक्टर एक के प्रतिनिधि डॉ. विजयमल का आरोप है कि जिंक का पैकेट ना खरीदने पर किसानों को यूरिया देने से मना कर दिया गया। यूरिया लेने आए किसान सुनील, महानंद मौर्य, नरेंद्र यादव, बहादुर, रामाधीन, रामबृक्ष, मेवालाल, कमलेश, देवेश यादव ने बताया कि बाजार में 70 रुपये प्रति किलो की दर से जिंक मिल रहा है। सहकारी समिति पर 445 रुपये में यूरिया खाद की बोरी और इसके साथ जिंक का एक पैकेट अनिवार्य किया गया है। किसानों को धान की फसल के लिए उर्वरक की आवश्यकता है। मजबूरन जिंक का पैकेट लेना पड़ रहा है। काफी अनुरोध करने के बाद भी अधिकारी नहीं मान रहे हैं।
अधिकारियों के आदेश पर यूरिया खाद के साथ किसानों को जिंक का पैकेट दिया गया है। जिले से ही एक्सपायर जिंक का पैकेट दिया गया है। इसमें हम क्या कर सकते हैं।-श्याम बहादुर, सचिव , साधन सहकारी समिति बोझ